टैक्स की ₹56 करोड़ की मांग रद्द
Kaveri Seed Company ने आज घोषणा की कि इनकम टैक्स अपीलेट अथॉरिटी (Income Tax Appellate Authority) ने असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए कंपनी पर लगाई गई ₹56.21 करोड़ (₹56,21,17,500) की टैक्स डिमांड को खारिज कर दिया है। यह फैसला 7 अप्रैल 2026 को जारी किया गया था, जिसमें अथॉरिटी ने कंपनी की आय को कृषि आय (agricultural income) के तौर पर मान्य किया है।
यह डिमांड मूल रूप से 30 मार्च 2024 को उठाई गई थी, जब इनकम टैक्स विभाग ने कंपनी की कृषि आय से जुड़े दावों को मानने से इनकार कर दिया था। इस फैसले के आने से कंपनी को एक बड़े वित्तीय विवाद से मुक्ति मिल गई है और अब इस मामले का कंपनी पर कोई नकारात्मक वित्तीय प्रभाव (adverse financial impact) नहीं पड़ेगा।
आगे की राह और पुराना इतिहास
इस अनुकूल फैसले से Kaveri Seed की टैक्स देनदारी को लेकर स्थिति काफी स्पष्ट हो गई है। प्रबंधन अब अपना पूरा ध्यान कंपनी के मुख्य व्यवसाय, विकास और संचालन पर केंद्रित कर सकता है।
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी को टैक्स संबंधी राहत मिली है। Kaveri Seed कंपनी, जो 1986 से बीज उत्पादन के क्षेत्र में सक्रिय है, को पहले भी अपनी आय के वर्गीकरण को लेकर कर विभागों की जांच का सामना करना पड़ा है। इससे पहले, असेसमेंट ईयर 2020-21 के लिए ₹73.25 करोड़ की इसी तरह की टैक्स डिमांड को भी इनकम टैक्स अपीलेट अथॉरिटी ने कंपनी के पक्ष में ही सुलझाया था।
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी रही हैं। अतीत में, एक सहायक कंपनी की वित्तीय सेहत पर सवाल उठे थे और SEBI ने रॉयल्टी भुगतान को लेकर कंपनी के खातों का फोरेंसिक ऑडिट (forensic audit) भी कराया था।
उद्योग में स्थिति
Kaveri Seed, Mahyco Seeds, Nuziveedu Seeds, Advanta Seeds (UPL ग्रुप का हिस्सा), Rasi Seeds और Bayer CropScience जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धी बाजार में काम करती है।