बोर्ड ने डीमर्जर स्टडी और ऑडिटर नियुक्ति को दी मंजूरी
Indrayani Biotech Ltd. के डायरेक्टर्स बोर्ड ने 09 अप्रैल 2026 को हुई एक मीटिंग में यह अहम फैसला लिया है। कंपनी अपने फूड बिजनेस को एक नई, स्वतंत्र एंटिटी (Entity) के तौर पर अलग करने की योजना पर विचार कर रही है। इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने, उसकी फिजिबिलिटी (Feasibility) स्टडी करने और जरूरी एक्सपर्ट्स की नियुक्ति की जिम्मेदारी एक खास बनाई गई रीस्ट्रक्चरिंग कमेटी (Restructuring Committee) को सौंपी गई है।
नए ऑडिटर की नियुक्ति
इसके साथ ही, वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए, M/S VAITHIANATHAN & ASSOCIATES को अगले दो फाइनेंशियल ईयर (Financial Year), यानी FY 2025-26 और FY 2026-27 के लिए कंपनी का इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) चुना गया है।
डीमर्जर का स्ट्रैटेजिक महत्व
इस डीमर्जर स्टडी का मकसद Indrayani Biotech के फूड डिवीजन की छुपी हुई वैल्यू (Value) को बाहर निकालना माना जा रहा है। इससे डीमर्ज होने वाली नई कंपनी और पेरेंट कंपनी, दोनों को अपने-अपने मुख्य बिजनेस पर फोकस करके ग्रोथ की स्ट्रैटेजी (Strategy) बनाने में आसानी होगी।
Indrayani Biotech का बिजनेस
Indrayani Biotech मुख्य रूप से एक्वाकल्चर (Aquaculture) और फिशरीज (Fisheries) सेक्टर में काम करती है। यह मछली का चारा (Fish Feed), प्रोबायोटिक्स (Probiotics) और जलीय कृषि के लिए अन्य बायोटेक्नोलॉजी उत्पाद बनाती है। फूड डिवीजन को अलग करने का यह कदम संभवतः जलीय खाद्य उत्पादों या प्रोसेसिंग को कंपनी के कोर बायोटेक्नोलॉजी और फीड बिजनेस से अलग करने की ओर इशारा करता है।
इंडस्ट्री कांटेक्स्ट
हालांकि Indrayani Biotech के खास नीश (Niche) में डायरेक्ट डीमर्जर के उदाहरण कम हैं, पर Avanti Feeds Ltd. और Apex Frozen Foods Ltd. जैसी कंपनियां एक्वा-फूड वैल्यू चेन में काम करती हैं। ये कंपनियाँ संबंधित सेगमेंट्स में कमर्शियल पोटेंशियल (Commercial Potential) को दिखाती हैं।
आगे क्या?
यह डीमर्जर अभी सिर्फ एक स्टडी फेज में है, और इसके सफल होने की गारंटी नहीं है। शेयरहोल्डर्स (Shareholders) अब रीस्ट्रक्चरिंग कमेटी से डीमर्जर प्रस्ताव के मूल्यांकन पर अपडेट का इंतजार करेंगे। इसमें फिजिबिलिटी रिपोर्ट्स, संभावित टाइमलाइन और आगे की बोर्ड चर्चाएं शामिल होंगी।