डायरेक्टर का इस्तीफा, बोर्ड की मंजूरी
इंडयानी बायोटेक लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने होल-टाइम डायरेक्टर श्री सिंगारा बाबू इंदिराकुमार के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। यह इस्तीफा 24 मार्च 2026 की व्यावसायिक अवधि के अंत से प्रभावी हो गया है। इस्तीफे के पीछे पेशेवर कारण बताए गए हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि इस्तीफे की तारीखों को लेकर एक प्रशासनिक चूक (administrative oversight) हो सकती है, जिसकी सूचना दी गई है।
कंपनी के सामने हैं चुनौतियां
यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी पिछले कुछ समय से वित्तीय और प्रबंधन संबंधी चिंताओं का सामना कर रही है। इंडयानी बायोटेक, फूड एंड हॉस्पिटैलिटी, डेयरी, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग, बायोटेक, एग्रीकल्चर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कई सेक्टर्स में काम करती है। यह कोई पहली घटना नहीं है; कंपनी ने मार्च 2024 में कंपनी सेक्रेटरी और नवंबर 2025 में एक नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को भी खोया है।
वित्तीय प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर
निवेशकों की निगाहें कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन पर भी टिकी हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में कंपनी का सालाना रेवेन्यू पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY24) की तुलना में 37.39% गिर गया। वहीं, कंपनी के देनदार (debtor) दिनों की संख्या बढ़कर 165 दिन हो गई है। प्रमोटर्स की हिस्सेदारी दिसंबर 2025 तक 33.26% पर स्थिर बनी हुई है।
भविष्य की राह
इस इस्तीफे के बाद, कंपनी को नए होल-टाइम डायरेक्टर की नियुक्ति करनी होगी। निवेशक कंपनी की उत्तराधिकार योजना (succession plan) और आगे के कदमों पर बारीकी से नजर रखेंगे। घटता रेवेन्यू, बढ़ता डेटर डेज और नेतृत्व परिवर्तन कंपनी की रणनीति को लागू करने में चुनौतियां पैदा कर सकते हैं।