नतीजों से शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले
GAEL ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2024 में 24.29% की ग्रोथ के साथ ₹5,835.77 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है। वहीं, नेट प्रॉफिट 22.08% बढ़कर ₹304.28 करोड़ रहा। लेकिन असली धमाका चौथे क्वार्टर में देखने को मिला, जब स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 315% बढ़कर ₹135.45 करोड़ पर पहुंच गया।
कंपनी ने अपने शेयरधारकों को तोहफा देते हुए ₹0.30 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। ऑडिटर ने भी कंपनी के खातों पर बिना किसी आपत्ति के अपनी राय दी है।
भविष्य के लिए नई प्लानिंग
GAEL अपने बिजनेस को और मजबूत करने में जुटा है। पिछले साल कंपनी ने गुजरात में एक नया सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन प्लांट शुरू किया था, जिससे एडिबल ऑयल (Edible Oil) की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ी है। कंपनी अब वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स जैसे सोया प्रोटीन आइसोलेट (Soy Protein Isolate) और स्पेशलिटी स्टार्च (Speciality Starch) पर भी फोकस कर रही है, जिनसे ज्यादा मार्जिन मिलने की उम्मीद है।
कर्ज़ का बढ़ता बोझ: एक चिंता
हालांकि, नतीजों के साथ एक चिंता भी जुड़ी हुई है। 31 मार्च 2024 तक कंपनी का स्टैंडअलोन टोटल बरोइंग्स (Standalone Total Borrowings) बढ़कर ₹433.58 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल सिर्फ ₹36.04 करोड़ था। इस भारी बढ़ोतरी में ₹397.54 करोड़ करंट लायबिलिटी (Current Liabilities) और ₹36.04 करोड़ नॉन-करंट लायबिलिटी (Non-Current Liabilities) शामिल हैं। यह बढ़ती कर्ज की रकम भविष्य में ब्याज लागत बढ़ा सकती है।
कॉम्पिटिशन और आगे की राह
FY24 में GAEL का 24.29% रेवेन्यू ग्रोथ, Adani Wilmar जैसी कंपनियों से बेहतर रहा, जिन्होंने एडिबल ऑयल की कीमतों को लेकर कुछ चुनौतियों का सामना किया। Patanjali Foods जैसी कंपनियां अपने FMCG पोर्टफोलियो को बढ़ा रही हैं, लेकिन GAEL अपने एग्रो-प्रोसेसिंग (Agro-processing) बिजनेस पर ध्यान केंद्रित कर रही है। Gokul Agro Resources भी इसी सेक्टर में एक प्रमुख खिलाड़ी है।
निवेशक अब मैनेजमेंट से इस बढ़ते कर्ज और ब्याज की लागत को संभालने की रणनीति पर स्पष्टता की उम्मीद कर रहे हैं। साथ ही, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स के परफॉर्मेंस पर भी नजर रखी जाएगी।
