फंड्स के इस्तेमाल पर रिपोर्ट, पर ₹11 करोड़ का हिसाब नहीं
Galaxy Agrico Exports Ltd ने हाल ही में अपने राइट्स इश्यू (Rights Issue) के ज़रिए जुटाए गए ₹47.20 करोड़ के फंड्स के इस्तेमाल पर Acuité Ratings & Research की Monitoring Agency Report BSE को सौंपी है। यह रिपोर्ट 15 मई, 2026 को दाखिल की गई और 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए है।
क्या है रिपोर्ट में?
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने फंड्स को उनके बताए गए उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया है, जिसमें प्रॉपर्टी की खरीद, बिजनेस का विस्तार, वर्किंग कैपिटल और जनरल कॉर्पोरेट इस्तेमाल शामिल हैं। हालांकि, 2 फरवरी से 2 मार्च, 2026 तक चले राइट्स इश्यू के ज़रिए कंपनी ₹48.99 करोड़ के इश्यू साइज में से ₹47.20 करोड़ जुटाने में सफल रही थी।
चिंता की मुख्य वजह
Acuité Ratings ने अपनी रिपोर्ट में कंपनी द्वारा जानकारी देने में की गई देरी पर आपत्ति जताई है। इससे भी बड़ी चिंता ₹11 करोड़ के General Corporate Purposes (GCP) फंड्स को लेकर है। एजेंसी को कंपनी की ओर से इन पैसों के इस्तेमाल का आइटम-वाइज (item-wise) यानी हर एक खर्चे का ब्यौरा नहीं मिल पाया है। इस गैप से निवेशकों के बीच पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, जो किसी भी कंपनी के लिए बेहद अहम होता है।
कंपनी और सेक्टर का प्रोफाइल
Galaxy Agrico Exports लिमिटेड एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स, कमोडिटीज और इंडस्ट्रियल केमिकल्स के ट्रेड और एक्सपोर्ट का काम करती है। कंपनी अपने ऑपरेशंस और विस्तार के लिए कैपिटल रेज़ (capital raise) करती रही है। यह कंपनी Agri-Tech (India) Ltd, UPL Ltd, और Rallis India Ltd जैसी बड़ी एग्री-बिजनेस कंपनियों के व्यापक सेक्टर में काम करती है।
आगे क्या?
अब निवेशकों की निगाहें कंपनी के मैनेजमेंट और ऑडिट कमेटी की प्रतिक्रिया पर टिकी होंगी। कंपनी Monitoring Agency की चिंताओं, जैसे कि जानकारी देने में देरी और GCP फंड्स के ब्यौरे पर क्या जवाब देती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। भविष्य की फाइनेंशियल रिपोर्ट्स से पता चलेगा कि आखिर GCP के लिए आवंटित ₹11 करोड़ का इस्तेमाल कैसे और किन मदों में हुआ।