SEBI के नियमों का पालन
कंपनी के प्रबंधन ने बताया कि यह कदम SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग रेगुलेशंस (Insider Trading Regulations) के अनुसार उठाया गया है। इस नियम के तहत, कंपनी के अंदरूनी लोग (Designated Persons) कंपनी के शेयर तब तक नहीं खरीद या बेच सकेंगे जब तक कि कंपनी के बोर्ड द्वारा फाइनल ऑडिटेड नतीजे (Audited Financial Results) सार्वजनिक नहीं कर दिए जाते। नतीजे जारी होने के 48 घंटे बाद ही यह ट्रेडिंग विंडो फिर से खोली जाएगी।
ऑडिटर्स की गंभीर चिंताएं
ट्रेडिंग विंडो बंद होने की खबर के पीछे एक बड़ी और चिंताजनक हकीकत छिपी है। Dharti Proteins Limited फिलहाल 'कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस' (CIRP) के दौर से गुजर रही है। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि कंपनी के ऑडिटर्स ने अपनी रिपोर्ट में 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) दिया है। ऑडिटर्स को कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) यानि भविष्य में परिचालन जारी रखने की क्षमता पर गहरा संदेह है। उनके मुताबिक, कंपनी लंबे समय से लगभग निष्क्रिय पड़ी है और उस पर भारी 'बैड डेट्स' (Bad Debts) जमा हो गए हैं।
खराब वित्तीय आंकड़े
कंपनी के वित्तीय आंकड़े स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही के नतीजों में, Dharti Proteins ने मात्र ₹0.44 लाख के मामूली रेवेन्यू पर ₹34.22 लाख का भारी नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया। 31 दिसंबर, 2025 तक की स्थिति के अनुसार, कंपनी पर ₹150.46 लाख का बैड डेट्स बकाया था, जबकि उसका नेट वर्थ (Net Worth) ₹146.42 लाख निगेटिव (Negative) था।
स्वामित्व में बदलाव और जारी चुनौतियाँ
यह भी ध्यान देने योग्य है कि हाल ही में, 18 नवंबर, 2025 को NCLT (National Company Law Tribunal) द्वारा एक रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी मिलने के बाद, फरवरी 2026 में श्री जतिनभाई रमनभाई पटेल ने कंपनी में 85% हिस्सेदारी हासिल की थी। इन बड़े स्वामित्व बदलावों के बावजूद, कंपनी की वित्तीय सेहत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।
आगे क्या? जोखिम और उम्मीदें
ऑडिटर्स की 'गोइंग कंसर्न' पर व्यक्त की गई शंकाएं कंपनी के भविष्य के लिए एक बड़ा जोखिम हैं। कंपनी की इन-ऑपरेटिव स्थिति (Inoperative Status) और लगातार निगेटिव नेट वर्थ (Negative Net Worth) बाजार के लिए कई सवाल खड़े कर रहे हैं। अब निवेशकों की निगाहें कंपनी द्वारा बोर्ड मीटिंग की घोषणा पर टिकी हैं, जहां FY26 के अंतिम ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को अंतिम रूप दिया जाएगा। इन नतीजों से कंपनी की वास्तविक वित्तीय तस्वीर सामने आएगी।
