Dharani Sugars & Chemicals Ltd के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी ने मार्च तिमाही (Q4 FY26) के लिए ₹44.10 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट लॉस (Net Loss) रिपोर्ट किया है। यह तब हुआ जब कंपनी का सालाना रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल के मुकाबले 237% उछलकर ₹2.41 करोड़ पर पहुंच गया।
हालांकि, रेवेन्यू में यह जबरदस्त बढ़ोतरी भी कंपनी के भारी-भरकम खर्चों के आगे फीकी पड़ गई। नतीजतन, पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए कंपनी को ₹104.72 करोड़ का बड़ा स्टैंडअलोन नेट लॉस हुआ।
कंपनी की वित्तीय हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी का नेट वर्थ (Net Worth) ₹262.84 करोड़ निगेटिव (Negative) था। साथ ही, गन्ने की खेती करने वाले किसानों का बकाया ₹36.08 करोड़ अभी भी भुगतान नहीं किया गया है।
Dharani Sugars की मुख्य मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज लंबे समय से बंद पड़ी हैं। इसका मतलब है कि कंपनी अपने मुख्य बिजनेस से कोई आय अर्जित नहीं कर पा रही है। कंपनी दिवालियापन की कार्यवाही से हटने के बाद भी अपने पुराने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है, जिससे लेनदारों (Creditors) का दबाव और बढ़ा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि Dharani Sugars के शेयर 3 जुलाई 2023 से BSE और NSE दोनों पर ट्रेडिंग के लिए सस्पेंड (Suspend) कर दिए गए हैं। यह लंबा सस्पेंशन निवेशकों को अपने शेयरों को खरीदने या बेचने का मौका नहीं दे रहा है।
ऑडिटर्स (Auditors) ने भी कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) यानी भविष्य में संचालन जारी रखने की क्षमता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सेक्टर की दूसरी बड़ी कंपनियां जैसे Dhampur Sugar Mills और Balrampur Chini Mills अभी भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, जबकि Dharani Sugars गंभीर संकट से जूझ रही है। निवेशक अब कंपनी की ओर से किसी भी अपडेट का इंतजार कर रहे हैं, खासकर ट्रेडिंग फिर से शुरू होने को लेकर, लेनदारों के साथ समझौते और परिचालन फिर से शुरू करने की योजनाओं पर।