IDL एक्विजिशन से Apollo Micro Systems की कमाई बम्पर!
Apollo Micro Systems Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए मजबूत नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹910.60 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 61.18% ज़्यादा है। इस वृद्धि का बड़ा श्रेय IDL Explosives Limited के सफल एक्विजिशन को दिया जा रहा है। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी 90.53% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹107.38 करोड़ पर पहुंच गया।
IDL के इंटीग्रेशन से कंपनी का कारोबार फैला
IDL Explosives Limited में 100% हिस्सेदारी खरीदने के बाद Apollo Micro Systems का परिचालन और बड़ा हो गया है। कंपनी अब एक्सप्लोसिव मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी उतर गई है, जिससे डिफेंस सेक्टर में इसकी स्थिति और मजबूत हुई है। इस कदम से कंपनी की रेवेन्यू क्षमता बढ़ी है, लेकिन साथ ही डेट का बोझ और वर्किंग कैपिटल की जरूरतें भी बढ़ी हैं। अब मैनेजमेंट का फोकस IDL के इंटीग्रेशन, कैश फ्लो को बेहतर बनाने और डेट को मैनेज करने पर रहेगा।
कंपनी का प्रोफाइल
Apollo Micro Systems मुख्य रूप से डिफेंस, स्पेस और एविएशन इंडस्ट्रीज के लिए एडवांस्ड माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रो-मैकेनिकल पार्ट्स और सिस्टम्स की मैन्युफैक्चरिंग करती है। IDL एक्विजिशन से पहले भी कंपनी डिफेंस क्लाइंट्स से मजबूत ऑर्डर बुक बना रही थी।
डेट और कैश फ्लो पर निवेशकों की चिंता
रेवेन्यू और प्रॉफिट में शानदार ग्रोथ के बावजूद, Apollo Micro Systems कुछ वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी का नेट कैश फ्लो फ्रॉम ऑपरेशंस ₹129.76 करोड़ नेगेटिव रहा। इन्वेंटरी का स्तर बढ़कर ₹795.29 करोड़ हो गया है, और कुल कंसोलिडेटेड बोरिंग्स ₹532.41 करोड़ से ऊपर चली गई है। साथ ही, ₹481.32 करोड़ का बड़ा ट्रेड रिसीवेबल भी कंपनी के कैश कन्वर्जन साइकिल को प्रभावित कर रहा है।
इंडस्ट्री के मुकाबले मार्जिन
Apollo Micro Systems का FY26 कंसोलिडेटेड PAT मार्जिन लगभग 11.8% रहा, जो कि Data Patterns (FY24 में 16.3%) और Paras Defence (FY24 में 13.2%) जैसे इंडस्ट्री के दिग्गजों से कम है। कंपनी ने तेजी से रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की है, लेकिन प्रॉफिट मार्जिन और डेट व कैश फ्लो जैसे वित्तीय स्वास्थ्य के संकेतकों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत होगी।
आगे की राह और निवेशकों की उम्मीदें
आगे चलकर, निवेशक IDL Explosives के सफल इंटीग्रेशन और उससे होने वाले तालमेल (Synergies) को पूरा करने पर ध्यान देंगे। ऑपरेटिंग कैश फ्लो में सुधार, डेट कम करने की दिशा में मैनेजमेंट की प्रगति, और इन्वेंटरी व रिसीवेबल्स को मैनेज करने की कुशलता जैसे प्रमुख संकेतक अहम होंगे। नए ऑर्डर और एक्वायर किए गए बिजनेस सेगमेंट का प्रदर्शन भी कंपनी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।