कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को एक्टिवेट करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से UMANG ऐप पर ट्रांसफर कर दिया है। अब वेब पोर्टल की जगह आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करना होगा। यह बदलाव 3 जुलाई को हुए सिस्टम अपग्रेड के बाद सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया गया है।
UAN ਐਕਟੀਵੇਸ਼ਨ ਦਾ ਨਵਾਂ ਤਰੀਕਾ
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी सेवाओं को और बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को एक्टिवेट या जेनरेट करने के लिए आपको EPFO की वेबसाइट पर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। यह सारी प्रक्रिया अब सिर्फ UMANG मोबाइल ऐप के ज़रिए ही होगी। EPFO ने 3 जुलाई, 2026 को अपने पोर्टल को अपग्रेड करने के बाद यह बदलाव लागू किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य खातों की सुरक्षा को मज़बूत करना है।
Face Authentication ਹੀ ਹੁਣ ਇਕੋ ਰਾਹ
UAN को एक्टिवेट करने या नया UAN जेनरेट करने के लिए, सब्सक्राइबर्स को अब UMANG ऐप में 'Face Authentication' (FAT) फ़ीचर का इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए, ऐप के 'EPFO Services' सेक्शन में जाकर 'UAN Services Through Face Authentication' विकल्प चुनना होगा। आपको अपना UAN, आधार नंबर और आधार से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद, आपको अपने चेहरे को स्कैन करना होगा, जो आपकी पहचान सुनिश्चित करने का मुख्य तरीका होगा।
ਜ਼ਰੂਰੀ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ
इस नई डिजिटल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए, सब्सक्राइबर्स को कुछ चीज़ों का ध्यान रखना होगा:
- आधार-Aadhaar लिंक: आपका आधार नंबर एक एक्टिव मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए, ताकि आपको OTP मिल सके।
- स्मार्टफोन: आपके पास एक अच्छा कैमरा वाला स्मार्टफोन होना चाहिए, जिससे फेस रिकग्निशन स्कैन पूरा हो सके।
- जानकारी का मिलान: आधार और EPFO रिकॉर्ड में आपकी जानकारी (जैसे नाम, जन्मतिथि) बिल्कुल एक जैसी होनी चाहिए। कोई भी अंतर होने पर UAN एक्टिवेशन में दिक्कत आ सकती है।
ਪੋਰਟਲ 'ਤੇ ਹੋਰ ਸੇਵਾਵਾਂ ਜਾਰੀ
हालांकि UAN एक्टिवेशन और अलॉटमेंट को वेबसाइट से हटा दिया गया है, EPFO ने अपनी वेबसाइट पर अन्य ज़रूरी सेवाएं जारी रखी हैं। यूज़र्स अभी भी 'Know Your UAN' फ़ीचर का इस्तेमाल करके अपना भूला हुआ UAN नंबर पता कर सकते हैं और सीधे वेब पोर्टल के ज़रिए मृत्यु दावों (Death Claims) के लिए आवेदन कर सकते हैं। खोए हुए UAN को रिकवर करने की प्रक्रिया भी अपडेट की गई है, जो अब नए फेस-स्कैनिंग तरीके की बजाय मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन पर आधारित होगी। यह बदलाव अनधिकृत पहुंच को कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, लेकिन इसके लिए यूज़र्स को अपने आधार रिकॉर्ड में कॉन्टैक्ट जानकारी अपडेट रखनी होगी।
