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Hyundai India Share: ICICI Securities ने 'BUY' Rating दी, ₹2,150 Target! 26 नए मॉडलों से मार्केट में वापसी की तैयारी?

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AuthorKabir Saluja|Published at:
Hyundai India Share: ICICI Securities ने 'BUY' Rating दी, ₹2,150 Target! 26 नए मॉडलों से मार्केट में वापसी की तैयारी?
Overview

ICICI Securities ने Hyundai Motor India (HMIL) पर 'BUY' Rating और **₹2,150** का Target Price देकर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज फर्म का मानना ​​है कि कंपनी **2030** तक **26** नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है, जिसका मकसद प्रतिद्वंद्वियों से गंवाया मार्केट शेयर वापस पाना है।

ब्रोकरेज की 'BUY' रेटिंग के साथ शुरुआत

ICICI Securities ने Hyundai Motor India Limited (HMIL) पर कवरेज की शुरुआत 'BUY' रेटिंग और ₹2,150 के प्राइस टारगेट के साथ की है। ब्रोकरेज फर्म ने 25x FY28 अर्निंग्स पर शेयर (EPS) मल्टीपल का इस्तेमाल करते हुए यह राय दी है।

यह सकारात्मक दृष्टिकोण HMIL की 26 नए मॉडलों की महत्वाकांक्षी प्रोडक्ट पाइपलाइन पर आधारित है, जिसमें वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच 7 बिल्कुल नए नाम शामिल हैं। इसका मुख्य लक्ष्य अपनी पेशकशों में मौजूद गैप को भरना और कॉम्पिटिटिव डोमेस्टिक यूटिलिटी व्हीकल (UV) सेगमेंट में मार्केट शेयर को वापस पाना है, जहां कंपनी ने मजबूत प्रतिद्वंद्विता और लोकप्रिय Creta मॉडल पर अत्यधिक निर्भरता के कारण कुछ नुकसान झेला है।

हालिया प्रदर्शन और बाजार के रुझान

हालांकि, HMIL की डोमेस्टिक बिक्री (Domestic Sales) को हाल ही में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, अप्रैल 2025 में साल-दर-साल (YoY) 5% की गिरावट दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2025) में, HMIL की UV बिक्री वॉल्यूम 90,531 यूनिट्स रही, जो पिछले साल की तुलना में 10% कम है।

इसके कारण UV मार्केट शेयर 13.50% तक गिर गया, जो पिछले साल 15.60% था। यह प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले मोमेंटम हासिल करने में कंपनी की कठिनाई को दर्शाता है।

भारतीय ऑटो सेक्टर में धीमी ग्रोथ और बढ़ती प्रतिस्पर्धा

भारतीय ऑटो सेक्टर एक धीमी ग्रोथ वाले दौर में प्रवेश कर रहा है। पिछले मजबूत साल के बाद FY2026-27 के लिए कुल वॉल्यूम में 3-6% की बढ़ोतरी का अनुमान है। पैसेंजर व्हीकल्स (PVs) में 4-6% ग्रोथ की उम्मीद है, जो प्रीमियम मॉडल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) और ग्रामीण मांग में रिकवरी जैसे ट्रेंड्स से प्रेरित है।

हालांकि, UV सेगमेंट में खुद Q1 FY2026 में सिर्फ 3.8% YoY ग्रोथ दर्ज की गई। Mahindra & Mahindra जैसे कुछ अपवादों को छोड़कर, ज्यादातर वाहन निर्माताओं ने बिक्री में गिरावट दर्ज की।

मुख्य प्रतिद्वंद्वी और वैल्यूएशन

बाजार में अग्रणी Maruti Suzuki का Q1 FY2026 में UV मार्केट शेयर 24% था, जो थोड़ा कम हुआ है। Mahindra & Mahindra (M&M) ने 23% शेयर पर कब्जा किया है, जिसमें मजबूत YoY ग्रोथ दिखी है। HMIL का कम शेयर कड़े मुकाबले को दिखाता है।

मार्च/अप्रैल 2026 तक के वैल्यूएशन के अनुसार, Maruti Suzuki का P/E 25.5x-27.3x और M&M का 20.5x-24.4x है। Hyundai Motor India का P/E लगभग 24.95x-27.7x है, जो Maruti Suzuki के समान है लेकिन M&M से अधिक है।

ICICI Securities का 25x FY28 EPS का टारगेट P/E इन मौजूदा स्तरों के करीब है, जो बताता है कि टारगेट प्राइस में कमाई और प्रतिस्पर्धी स्थिति का अनुमान शामिल है, न कि उच्च वैल्यूएशन मल्टीपल्स की गुंजाइश।

निर्यात प्रदर्शन और ग्रोथ का रास्ता

HMIL की मार्केट कैप 30 मार्च 2026 को लगभग ₹1.44 ट्रिलियन थी। निर्यात (Exports) में अप्रैल 2025 में 21% YoY की मजबूत वृद्धि देखी गई, लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि यह लंबी अवधि में ग्रोथ का सीमित रास्ता है, भले ही यह तत्काल विकास में मदद करता हो।

एग्जीक्यूशन जोखिम और प्रतिस्पर्धी खतरे

सकारात्मक नए मॉडल के अनुमानों के बावजूद, महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risks) बने हुए हैं। पिछले पांच वर्षों में HMIL की बिक्री ग्रोथ सिर्फ 9.50% रही है, और Creta मॉडल पर इसकी भारी निर्भरता एक कमजोरी बनी हुई है।

महत्वाकांक्षी प्रोडक्ट लॉन्च प्लान, हालांकि जरूरी है, इसमें आंतरिक कैनीबलाइजेशन (Internal Cannibalization), विकास में देरी और बाजार की स्वीकृति की कमी जैसे जोखिम शामिल हैं, खासकर Maruti Suzuki और M&M जैसे फुर्तीले प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले जो नए UVs में भी निवेश कर रहे हैं।

मार्जिन पर दबाव और लाभप्रदता की चिंताएं

भारतीय ऑटो बाजार में तीव्र प्रतिस्पर्धा से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ने का भी जोखिम है। जबकि HMIL लगभग 34.8% के मजबूत तीन-वर्षीय रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और 49.7% के डिविडेंड पेआउट रेशियो को दिखाता है, इसका स्टॉक अपनी बुक वैल्यू से 8.50 गुना पर ट्रेड कर रहा है।

पिछली वित्तीय रिपोर्टों में अस्थिर लाभप्रदता (Profitability) का पता चलता है, जिसमें कुछ तिमाहियों में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में तेज YoY गिरावट देखी गई, जैसे दिसंबर 2025 तिमाही में 21.49% की गिरावट। FY2026-27 में ऑटो सेक्टर की धीमी ग्रोथ की उम्मीद है, जिससे यह चिंता बढ़ जाती है कि HMIL की नई प्रोडक्ट योजनाएं बाजार की मंदी और कड़ी प्रतिस्पर्धा पर काबू पाने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती हैं।

ग्रोथ अनुमान और टारगेट प्राइस

ICICI Securities का अनुमान है कि FY26-28 से HMIL की वॉल्यूम, EBITDA और PAT क्रमशः लगभग 9%, 13%, और 12% की चक्रवृद्धि वार्षिक दरों (CAGRs) से बढ़ेंगी। यह अनुमान नए प्रोडक्ट लॉन्च और 35% से ऊपर के अनुमानित रिटर्न ऑन इन्वेस्टेड कैपिटल पर निर्भर करता है।

₹2,150 का टारगेट प्राइस, 25x FY28 EPS मल्टीपल पर आधारित, इसके 1 अप्रैल, 2026 के ट्रेडिंग प्राइस ₹1,792 से लगभग 15% की तेजी का संकेत देता है। हालांकि, इस बड़े नए प्रोडक्ट लाइनअप की सफलता एक महत्वपूर्ण देखने वाली बात है। कोई भी चूक विकास के पूर्वानुमानों और वैल्यूएशन मल्टीपल्स के पुनर्मूल्यांकन को मजबूर कर सकती है, खासकर ऐसे बाजार में जो एग्जीक्यूशन पर करीब से नजर रखता है।

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