चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping **24 सितंबर, 2026** को अमेरिका के दौरे पर रहेंगे। वे अपने साथ बड़े बिजनेस लीडर्स का एक डेलीगेशन लेकर जाएंगे, जिसका मकसद Donald Trump के साथ ट्रेड टेंशन और टैरिफ जैसे मुद्दों पर चर्चा करना है।
चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping इस बार एक अलग रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वे हाई-प्रोफाइल बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स की टीम के साथ वाशिंगटन का रुख करेंगे। यह कदम दोनों देशों के बीच बिगड़े आर्थिक रिश्तों को सुधारने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है बड़ा विवाद?
वर्तमान में, अमेरिका ने चीन की इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 100% टैरिफ लगा रखा है। इसके अलावा, रोबोटिक्स, ड्रोन और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी सेक्टर में चीनी कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार के दरवाजे लगभग बंद हैं। कई चीनी कंपनियां अमेरिका की सिक्योरिटी ब्लैकलिस्ट में भी शामिल हैं, जिससे कारोबार करना मुश्किल हो गया है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह अहम?
इस बैठक से $30 बिलियन के सामान पर संभावित टैरिफ में कटौती पर चर्चा हो सकती है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent और चीन के वाइस प्रीमियर He Lifeng के बीच चल रही बातचीत से उम्मीदें जरूर बंधी हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स अभी भी संभलकर चलने की सलाह दे रहे हैं।
मार्केट का मानना है कि यह समिट सिर्फ पॉलिटिकल दिखावा भी हो सकता है। अगर टैरिफ पॉलिसी या एक्सपोर्ट लाइसेंसिंग में कोई ठोस बदलाव नहीं होता, तो ग्लोबल मार्केट पर इसका असर सीमित रह सकता है। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कोई बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव होता है या सिर्फ बातचीत का दौर जारी रहेगा।
