चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping 31 अगस्त को किर्गिस्तान में होने वाले SCO समिट में हिस्सा लेंगे। भारत और चीन के बीच हाल ही में नाथू ला पास पर ट्रेड फिर से शुरू होने के बाद, निवेशक इस कूटनीतिक हलचल को स्थिरता के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक बिश्केक, किर्गिस्तान में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह उच्च-स्तरीय बैठक भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval और चीन के विदेश मंत्री Wang Yi के बीच बीजिंग में हुई 25वें दौर की वार्ता के तुरंत बाद हो रही है।
सामान्य स्थिति की ओर कदम
मार्केट के नजरिए से सबसे अहम खबर नाथू ला पास का फिर से खुलना है। 2 अगस्त 2026 को भारत ने आधिकारिक तौर पर इस रास्ते से ट्रेड को बहाल कर दिया है। यह कदम संकेत देता है कि दोनों देश पारंपरिक आर्थिक संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों में काम करने वाले व्यवसायों और सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों के लिए यह एक सकारात्मक बदलाव है।
रिस्क और निवेशकों के लिए नजरिया
हालांकि तनाव कम होने के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि बुनियादी विवाद अभी भी बने हुए हैं। किसी भी अचानक 'बड़ी डील' की उम्मीद करने के बजाय बाजार को संतुलित रुख रखना चाहिए। यदि भविष्य में वार्ता में कोई अड़चन आती है, तो यह सकारात्मक माहौल पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
अगला बड़ा इवेंट 12-13 सितंबर 2026 को होने वाला BRICS समिट है, जहाँ Xi Jinping दिल्ली आ सकते हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच भविष्य के आर्थिक सहयोग और संबंधों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
