चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने सरकार और सेना में बड़ा बदलाव करते हुए 33 सीनियर अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस फेरबदल के बाद सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में अब सिर्फ दो सदस्य बचे हैं, जिससे ग्लोबल मार्केट में पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
सत्ता पर मजबूत पकड़ की तैयारी
हाल ही में हुए पार्टी प्लेनम में Xi Jinping ने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (Central Military Commission) में अब राष्ट्रपति Xi और जनरल Zhang Shengmin के अलावा कोई सक्रिय सदस्य नहीं बचा है। Zhang Youxia और Liu Zhenli जैसे बड़े नामों की छुट्टी के बाद यह साफ है कि 2027 की पार्टी कांग्रेस से पहले सेना के ढांचे को पूरी तरह बदला जा रहा है।
इकोनॉमी बनाम डिसिप्लिन
ग्लोबल निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि चीन का फोकस अब आर्थिक सुधारों से हटकर 'पार्टी अनुशासन' की तरफ शिफ्ट हो गया है। बाजार को उम्मीद थी कि चीन सुस्त पड़ती इकोनॉमी को संभालने के लिए बड़े स्टिमुलस का ऐलान करेगा, लेकिन सरकार फिलहाल राजनीतिक स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है। इसका सीधा असर भविष्य के आर्थिक फैसलों की रफ्तार पर पड़ सकता है।
आंतरिक कलह के संकेत
इस मीटिंग में उपस्थिति का डेटा भी कुछ अलग कहानी बयां कर रहा है। 205 सदस्यों वाली सेंट्रल कमिटी में से सिर्फ 162 सदस्य ही मौजूद थे, जो पिछले 14 सालों में सबसे कम है। इतना ही नहीं, वर्तमान कार्यकाल के दौरान अब तक 51 सदस्यों को हटाया जा चुका है, जो एक ऐतिहासिक बदलाव है। Liu Jianchao जैसे बड़े अधिकारियों की जांच यह बताती है कि यह कार्रवाई सिर्फ मिलिट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विभागों तक फैली हुई है।
अगले कुछ महीनों में यह देखना अहम होगा कि क्या चीन फिर से ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित करता है या फिर राजनीतिक अनुशासन का यह दौर जारी रहता है। फिलहाल, नेतृत्व में बार-बार हो रहे बदलाव विदेशी निवेशकों के लिए पॉलिसी में स्पष्टता की कमी पैदा कर रहे हैं।
