तमिलनाडु की सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है। Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) के प्रमुख Thol Thirumavalavan ने DMK-नीत गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है।
तमिलनाडु की राजनीति में 11 सितंबर, 2026 को एक बड़ा मोड़ आया, जब VCK प्रमुख Thol Thirumavalavan ने DMK गठबंधन से बाहर निकलने की आधिकारिक घोषणा कर दी। यह फैसला दोनों पार्टियों के बीच बढ़ती तल्खी और गठबंधन धर्म के टूटने का संकेत है।
क्यों हुआ गठबंधन में बिखराव?
Thirumavalavan ने इस अलगाव के पीछे सबसे बड़ा कारण सीट शेयरिंग में असमानता को बताया है। उनका आरोप है कि DMK पुराने और वफादार सहयोगियों की तुलना में बाद में शामिल हुए दलों, जैसे कि Desiya Murpokku Dravida Kazhagam (DMDK), को अधिक महत्व दे रही थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि पुराने सहयोगियों को किनारे कर दिया गया है।
नई राजनीतिक बिसात
गठबंधन टूटने के तुरंत बाद, VCK ने अब नए खेमे की तरफ रुख किया है। अब यह पार्टी Congress, Indian Union Muslim League (IUML) और Marumalarchi Dravida Munnetra Kazhagam (MDMK) के साथ मिलकर आगे बढ़ने की तैयारी में है। यह बदलाव राज्य के राजनीतिक ढांचे को पूरी तरह से बदलने वाला है।
इसके अलावा, Thirumavalavan ने मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay की सरकार के कामकाज, विशेष रूप से 'करूर' की घटना पर DMK के 'सॉफ्ट' रुख की तीखी आलोचना की है। आने वाले समय में यह बढ़ती दूरियां विधानसभा की कार्यवाही में नई चुनौतियां पैदा कर सकती हैं, जिससे DMK की स्थिरता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
