रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी United Russia ने स्टेट ड्यूमा की **450** में से **355** सीटें जीतकर अपना दबदबा बरकरार रखा है। लेकिन निवेशकों की चिंता मॉस्को ऑयल रिफाइनरी पर हुए ड्रोन हमलों के बाद ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन पर मंडरा रहे खतरों को लेकर है।
सेंट्रल इलेक्शन कमीशन द्वारा जारी नतीजों के मुताबिक, United Russia ने रूसी संसद (स्टेट ड्यूमा) में भारी बहुमत के साथ अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। यह जीत संकेत देती है कि मौजूदा प्रशासन की नीतियां और उनकी सैन्य रणनीतियां निकट भविष्य में अपरिवर्तित रहेंगी।
बाजार के लिए खतरा: एनर्जी सप्लाई और क्रूड ऑयल
चुनाव के दौरान मॉस्को ऑयल रिफाइनरी और अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक परिसंपत्तियों पर हुए ड्रोन हमलों ने ग्लोबल मार्केट्स को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। अधिकारियों के अनुसार, 1,100 से ज्यादा ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया है, जो इस क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता को दर्शाता है।
रूस दुनिया के प्रमुख एनर्जी सप्लायर में से एक है। ऐसी स्थिति में रिफाइनरियों को होने वाला नुकसान ग्लोबल स्तर पर क्रूड ऑयल की सप्लाई को टाइट कर सकता है।
भारतीय निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?
भारत के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी उछाल सीधा असर हमारे देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर डालता है। इससे न केवल कंपनियों की ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ती है, बल्कि देश में महंगाई (inflation) का दबाव भी बढ़ सकता है।
फिलहाल, मार्केट की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ेगा, या सप्लाई चेन फिर से सामान्य हो पाएगी। कमोडिटी मार्केट में आने वाले दिनों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।
