रूस की सत्ताधारी पार्टी United Russia ने स्टेट ड्यूमा की **450** में से **349** सीटें जीतकर अपना दबदबा कायम रखा है। साल **2022** में यूक्रेन के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद यह पहला बड़ा राष्ट्रीय चुनाव था, जिसने प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन की सत्ता को और मजबूत कर दिया है।
भारी बहुमत और रणनीतिक बदलाव
सेंट्रल इलेक्शन कमीशन ने पुष्टि की है कि United Russia ने 58% वोट शेयर और 209 सिंगल-सीट मुकाबलों में जीत हासिल कर स्टेट ड्यूमा में तीन-चौथाई से ज्यादा सीटों पर कब्जा कर लिया है। सरकार के लिए बड़ी बात यह है कि नई संसद में 46 ऐसे सदस्य शामिल हैं जो युद्ध के अनुभवी (War Veterans) हैं, जो मौजूदा सत्ता के एजेंडे को सीधे तौर पर मजबूती देंगे। संसद के अगले सत्र की शुरुआत बुधवार से होगी, जिसमें स्पीकर व्याचेस्लाव वोलोडिन के दोबारा पद संभालने की उम्मीद है।
सुरक्षा घेरे में मतदान
चुनाव के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। ड्रोन हमलों के खतरों के बीच सरकार ने मल्टी-डे वोटिंग और ऑनलाइन सिस्टम का सहारा लिया, जिससे वोटिंग टर्नआउट 60% के करीब पहुंच गया। यूक्रेन से जुड़े विवादित क्षेत्रों में भी मतदान कराए गए, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई है। इस चुनाव प्रक्रिया में ऑर्गनाइजेशन फॉर सिक्योरिटी एंड कोऑपरेशन इन यूरोप (OSCE) के किसी भी अंतरराष्ट्रीय ऑब्जर्वर को अनुमति नहीं दी गई थी।
विपक्ष का सफाया और आर्थिक संकेत
चुनाव से पहले ही विपक्ष की भूमिका लगभग खत्म कर दी गई थी। Yabloko जैसी उदारवादी पार्टियों को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव से बाहर रखा, और सत्ता के आलोचकों को या तो जेल भेज दिया गया या निर्वासित कर दिया गया। अंतिम नतीजों के बाद, विश्लेषक अलेक्जेंडर काइनेव की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्वतंत्र आवाजों पर दबाव जारी है। निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि रूस की आर्थिक नीति अब पूरी तरह से क्रेमलिन के विजन के साथ जुड़ गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अलगाव (Economic Isolation) के जोखिम बढ़ सकते हैं।
