रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग और खतरनाक हो गई है। 12 सितंबर को रूस के हवाई हमलों में Ukraine के Zaporizhstal स्टील प्लांट को भारी नुकसान हुआ है, जिसके जवाब में यूक्रेन ने रूस की एक रबर फैक्ट्री को निशाना बनाया है।
जंग का नया मोर्चा
12 सितंबर, 2026 को रूस और यूक्रेन के बीच हवाई हमलों में तेज वृद्धि देखी गई है। इन हमलों में दर्जनों ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिससे 9 नागरिकों की जान गई और दोनों देशों के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है।
इंडस्ट्रियल हब बने निशाना
इस बार हमलों का मुख्य केंद्र औद्योगिक इकाइयां रहीं। Zaporizhzhia स्थित Zaporizhstal स्टील प्लांट पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलें गिरीं। यह पिछले एक महीने में इस प्लांट पर हुआ तीसरा हमला है। भले ही सुरक्षा कारणों से प्लांट फिलहाल बंद था, लेकिन यह घटना यूक्रेन के मेटलर्जी सेक्टर पर भारी दबाव डाल रही है। वहीं, जवाबी कार्रवाई में यूक्रेनी सेना ने रूस के Togliatti स्थित Togliattikauchuk सिंथेटिक रबर प्लांट को निशाना बनाया। यह प्लांट मिसाइल प्रोपेलेंट के लिए जरूरी रबर बनाने का बड़ा केंद्र है, जो साफ करता है कि अब सप्लाई चेन को कमजोर करना युद्ध की नई रणनीति बन गई है।
कमोडिटी मार्केट और अर्थव्यवस्था पर असर
युद्ध के कारण यूक्रेन का औद्योगिक उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अगस्त 2026 तक स्टील उत्पादन में साल-दर-साल 57% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। Zaporizhstal और Kametstal जैसे बड़े स्टील उत्पादक सुरक्षा जोखिमों और लॉजिस्टिक रुकावटों से जूझ रहे हैं। इस तनाव का असर पड़ोसी मुल्कों पर भी दिख रहा है; मोल्दोवा ने ड्रोन्स की आवाजाही के कारण अपना एयरस्पेस अस्थाई रूप से बंद कर दिया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए यह स्थिति स्टील और केमिकल सप्लाई चेन में लंबे समय तक अनिश्चितता का संकेत दे रही है।
