लगातार जारी ड्रोन हमलों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के चलते यूक्रेन ने अपने **2026** के इकोनॉमिक ग्रोथ अनुमान को **1.3%** से घटाकर **0.8%** कर दिया है।
ग्रोथ अनुमान में बड़ी कटौती
यूक्रेन के मिनिस्ट्री ऑफ इकोनॉमी ने 2026 के लिए अपने जीडीपी (GDP) ग्रोथ अनुमान को संशोधित कर 0.8% कर दिया है, जो पहले 1.3% आंका गया था। सरकार का कहना है कि लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की बर्बादी और ब्लैक सी (Black Sea) के रास्ते अनाज एक्सपोर्ट में आ रही बाधाएं अर्थव्यवस्था की रिकवरी में सबसे बड़ी दीवार बन रही हैं।
ड्रोन हमलों का असर
रूसी सेना ने कीव (Kyiv) और खेरसोन (Kherson) के इलाकों में ड्रोन हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है। इन हमलों में रिहायशी इलाकों के अलावा ऊर्जा ग्रिड और वेयरहाउस को भी भारी नुकसान पहुंचा है। खेरसोन के अधिकारियों ने कड़ाके की ठंड के बीच बिजली और हीटिंग सप्लाई ठप होने की चेतावनी दी है, जिससे मानवीय संकट गहरा गया है।
रिफाइनरी पर पलटवार
दूसरी तरफ, यूक्रेन ने भी रूस के भीतर अपनी कार्रवाई जारी रखी है। हाल ही में यारोस्लाव क्षेत्र में स्थित 'स्लावनेफ्ट-यानोस' (Slavneft-YANOS) रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया गया। गज़प्रॉम (Gazprom) और रोज़नेफ्ट (Rosneft) द्वारा नियंत्रित इस रिफाइनरी पर 2026 में यह आठवां हमला है।
ग्लोबल मार्केट पर असर
इन हमलों के कारण कमोडिटी और एनर्जी मार्केट में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशकों के लिए चिंता का मुख्य विषय सप्लाई चेन का रिस्क है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर इसी तरह नष्ट होता रहा, तो यूक्रेन के लिए ग्रोथ के आंकड़ों को बनाए रखना और भी मुश्किल होगा, जिसका असर ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर पड़ सकता है।
