यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने ग्लोबल एयरलाइंस और इंश्योरेंस कंपनियों को सचेत किया है कि रूसी एयरस्पेस अब पूरी तरह असुरक्षित है। ड्रोन हमलों के बढ़ते खतरे के कारण इंटरनेशनल फ्लाइट्स के रूट बदलने पर मजबूर होने के संकेत हैं, जिससे एयरलाइन कंपनियों के ऑपरेशनल खर्च और प्रीमियम में भारी उछाल आ सकता है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने 1 सितंबर, 2026 को एक औपचारिक बयान जारी कर ग्लोबल एयरलाइंस और बीमा कंपनियों को चेतावनी दी है कि रूसी हवाई क्षेत्र अब कमर्शियल उड़ानों के लिए सुरक्षित नहीं है। रूसी क्षेत्र में ड्रोन की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक तरह से 'नो-फ्लाई जोन' के रूप में देखा जा रहा है।
ग्लोबल एयरलाइंस पर पड़ेगा सीधा असर
यह चेतावनी इंटरनेशनल एविएशन सेक्टर के लिए खतरे की घंटी है। फरवरी 2022 से ही यूक्रेन के ऊपर उड़ानें बंद हैं, लेकिन अब मास्को और सेंट पीटर्सबर्ग जैसे बड़े हब भी जोखिम के दायरे में आ गए हैं। यदि इंश्योरेंस कंपनियां इन फ्लाइट कॉरिडोर्स को 'हाई-रिस्क जोन' घोषित करती हैं, तो एयरलाइंस को अपना रूट बदलना पड़ेगा।
बढ़ सकता है ऑपरेशनल कॉस्ट
रूट बदलने का सीधा असर कंपनियों के मुनाफे पर पड़ेगा। फ्लाइट्स का समय बढ़ने से ईंधन की खपत बढ़ेगी और ऑपरेशनल लागत में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही, जोखिम बढ़ने के कारण इंश्योरेंस प्रीमियम में भी 100% तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है, जो सीधे तौर पर एयरलाइन के मार्जिन को प्रभावित करेगी।
आगे क्या होगा?
रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने इस चेतावनी को खारिज करते हुए इसे 'स्टेट टेररिज्म' करार दिया है, जिससे तनाव और बढ़ने की आशंका है। निवेशकों और एयरलाइन स्टेकहोल्डर्स को अब International Civil Aviation Organization (ICAO) के फैसलों और सुरक्षा क्लासिफिकेशन में बदलाव पर पैनी नजर रखनी होगी। एयरलाइंस द्वारा रूट में बदलाव की घोषणाएं ग्लोबल सप्लाई चेन और एविएशन सेक्टर के लिए बड़ा ट्रिगर साबित हो सकती हैं।
