US Supreme Court: तीसरे देशों में माइग्रेंट्स को भेजने की मिली अनुमति, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
US Supreme Court: तीसरे देशों में माइग्रेंट्स को भेजने की मिली अनुमति, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

US Supreme Court ने एक बड़ा फैसला लेते हुए माइग्रेंट्स को अन्य देशों में डिपोर्ट करने पर लगी रोक को फिलहाल हटा दिया है। सरकार अब इस विवादित पॉलिसी को जारी रख सकेगी, जबकि कोर्ट इसकी कानूनी वैधता की जांच कर रहा है।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण न्यायिक आदेश जारी करते हुए संघीय सरकार को माइग्रेंट्स को उनके मूल देशों के बजाय तीसरे देशों में डिपोर्ट करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला निचली अदालत के उस आदेश पर एक अस्थायी रोक की तरह है, जिसने इस डिपोर्टेशन प्रक्रिया को चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट इस बात की समीक्षा करेगा कि क्या उन लोगों को अन्य क्षेत्रों में भेजना कानूनी है, जहां उनकी कोई नागरिकता या कानूनी संबंध नहीं हैं।

सरकार का पक्ष और चुनौतियाँ

प्रशासन ने इस कदम का बचाव करते हुए इसे इमिग्रेशन मैनेज करने का एक जरूरी साधन बताया है, खासकर तब जब संबंधित मूल देश अपने नागरिकों को वापस लेने से मना कर देते हैं। सरकारी वकीलों ने तर्क दिया कि निचली अदालत के आदेश से ऑपरेशंस में काफी बाधा आ रही थी, जिसमें लाइबेरिया (Liberia) और गुयाना (Guyana) जैसे देशों के लिए डिपोर्टेशन उड़ानों का रद्द होना शामिल है। तीसरे देशों के साथ किए गए ये समझौते वर्तमान में सरकार की इमिग्रेशन रणनीति का मुख्य हिस्सा हैं।

विवाद क्यों है?

यह पॉलिसी बेहद विवादास्पद बनी हुई है। माइग्रेंट्स के कानूनी समर्थकों का तर्क है कि ये ट्रांसफर बिना पर्याप्त निगरानी के किए जा रहे हैं, जिससे प्रभावित लोगों को मनमानी जेल या असुरक्षित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। आलोचकों का कहना है कि इनमें से कई लोगों का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है और उन्हें अपने मूल देशों में उत्पीड़न (Persecution) का डर है।

जबकि प्रशासन का दावा है कि संबंधित देशों ने सुरक्षा का आश्वासन दिया है, कानूनी लड़ाई इस बात पर केंद्रित है कि क्या ट्रांसफर से पहले माइग्रेंट्स को अपना पक्ष रखने का औपचारिक अवसर दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश ने फिलहाल नीति को सक्रिय रखा है, और आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि इमिग्रेशन एनफोर्समेंट में प्रशासनिक शक्तियों की सीमाएं क्या हैं।

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