अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रूस-यूक्रेन के बीच शांति समझौते की दिशा में बड़े संकेत दिए हैं। 10-11 नवंबर को अबू धाबी में होने वाली बातचीत पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, जिसका असर एनर्जी और कमोडिटी मार्केट पर पड़ सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने औपचारिक रूप से रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। व्हाइट हाउस में रूसी दूत Kirill Dmitriev के साथ हुई बातचीत के बाद, प्रशासन ने पुष्टि की है कि 10-11 नवंबर, 2026 को अबू धाबी में त्रिपक्षीय वार्ता का आयोजन किया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
साल 2022 की शुरुआत से ही रूस-यूक्रेन विवाद ने ग्लोबल और भारतीय बाजारों पर गहरा असर डाला है। इस युद्ध के कारण क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और फर्टिलाइजर्स की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई थी। यदि शांति समझौता सफल होता है, तो इन सेक्टर्स में आने वाली वोलाटिलिटी (volatility) कम हो सकती है। हालांकि, बाजार के जानकार अभी भी किसी भी बड़े फैसले से पहले ठोस नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
राजनीतिक चुनौतियां और अनिश्चितता
भले ही अमेरिकी प्रशासन इस मामले में आशावादी दिख रहा है, लेकिन एक औपचारिक संधि की राह अभी भी काफी चुनौतीपूर्ण है। हालिया अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत से फॉरेन पॉलिसी में कुछ बदलाव आ सकते हैं, जिसका असर इस डील की रफ्तार पर पड़ सकता है। फिलहाल निवेशकों को अबू धाबी में होने वाली मीटिंग के बाद आने वाले आधिकारिक बयानों और यूरोप के देशों की प्रतिक्रिया पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
