अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली चुनाव से पहले PM Benjamin Netanyahu का खुलकर समर्थन किया है। निवेशकों की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं क्योंकि इसका सीधा असर ईरान से जुड़ी भू-राजनीतिक स्थिति और क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतों पर पड़ सकता है।
बाजार और ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का यह समर्थन ऐसे समय में आया है जब ग्लोबल मार्केट मिडिल ईस्ट में स्थिरता को लेकर काफी सतर्क है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव ने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी है। निवेशक इस स्थिति पर बारीक नजर रख रहे हैं क्योंकि क्षेत्र में बढ़ता तनाव कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी वोलेटिलिटी (Volatility) ला सकता है, जो भारत जैसे एनर्जी-आयात करने वाले देशों के लिए महंगाई और इंपोर्ट बिल पर सीधा असर डालता है।
राजनीतिक अनिश्चितता और निवेशकों की चिंता
Trump ने स्पष्ट किया है कि इजरायल में सत्ता परिवर्तन से अमेरिका को क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों से अकेले निपटना पड़ सकता है, जिसके बिना वह स्थिति जटिल हो सकती है। हालांकि, इजरायल में सत्ता का समीकरण सीधा नहीं है। वहां की संसदीय प्रणाली में सरकार बनाने के लिए गठबंधन (Coalition-building) की जरूरत होती है, जिससे चुनाव का अंतिम परिणाम केवल बहुमत पर नहीं, बल्कि चुनाव बाद के गठबंधनों पर निर्भर करेगा।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में किसी दूसरे देश के चुनाव में इस तरह का हस्तक्षेप काफी दुर्लभ माना जाता है। फिलहाल, ग्लोबल मार्केट के निवेशक 27 अक्टूबर की तारीख पर नजर टिकाए हुए हैं, क्योंकि चुनाव के नतीजों का सीधा असर क्षेत्रीय व्यापार, सुरक्षा समझौतों और डिप्लोमैटिक संबंधों पर पड़ेगा, जो ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकते हैं।
