नवंबर 2026 के मिडटर्म चुनावों से ठीक पहले राष्ट्रपति Donald Trump के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतें और Iran के साथ जारी युद्ध के चलते उनकी अप्रूवल रेटिंग गिरकर **33%** पर पहुंच गई है।
नवंबर 2026 में होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले ही रिपब्लिकन पार्टी के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। राष्ट्रपति Donald Trump की लोकप्रियता अपने दूसरे कार्यकाल के अब तक के सबसे निचले स्तर 33% पर आ गई है। जनता के बीच बढ़ती नाराजगी की मुख्य वजह देश की अर्थव्यवस्था, बेकाबू महंगाई और आम लोगों के खर्चों में भारी बढ़ोतरी है।
ट्रेड वॉर और लेक ओंटारियो विवाद
प्रशासन की व्यापारिक नीतियों ने भी आग में घी डालने का काम किया है। Canada के साथ चल रहे ट्रेड डिस्प्यूट और जवाबी टैरिफ ने रोजमर्रा की चीजों को महंगा बना दिया है। इसके अलावा, एक्जीक्यूटिव ऑर्डर 14422 के जरिए Lake Ontario का नाम बदलकर 'Lake America' करने के फैसले ने न्यूयॉर्क की गवर्नर Kathy Hochul सहित कई नेताओं को नाराज कर दिया है। यहाँ तक कि Google और Apple जैसी टेक दिग्गज कंपनियों द्वारा डिजिटल मैप्स पर नाम बदलने से यह विवाद और गहरा गया है, जो कॉर्पोरेट और सरकारी निर्णयों के टकराव को दर्शाता है।
भू-राजनीतिक और आर्थिक दबाव
Iran के साथ लंबे खिंचते युद्ध ने भी आम लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। जनता का मानना है कि इस संघर्ष की कीमत अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ रही है। ताजा ओपिनियन पोल्स के अनुसार, आर्थिक मोर्चे पर Democratic Party को लोगों का अधिक समर्थन मिलता दिख रहा है, जिससे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम
ग्लोबल मार्केट के लिहाज से यह राजनीतिक अस्थिरता बड़े जोखिम का संकेत है। नवंबर में यदि संसद (Congress) में सत्ता का समीकरण बदलता है, तो ट्रेड एग्रीमेंट, फिस्कल पॉलिसी और सैन्य समझौतों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। निवेशक फिलहाल चुनावी नतीजों और महंगाई के मोर्चे पर सरकारी कदमों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
