US Midterms: ईरान के साथ जंग और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने बदली सत्ता की बाजी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
US Midterms: ईरान के साथ जंग और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने बदली सत्ता की बाजी

US Midterms 2026 में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव और उससे बढ़ी महंगाई को बड़ी वजह बताया है। डेमोक्रेट्स के नियंत्रण में दोनों सदनों के आने से अब राजनीतिक गतिरोध और एनर्जी मार्केट में अस्थिरता का डर बढ़ गया है।

बाजार पर असर और एनर्जी सेक्टर

मिडिल ईस्ट का तनाव सीधे तौर पर वैश्विक एनर्जी मार्केट को प्रभावित कर रहा है। 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz), जो तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता है, वहां बढ़ती अस्थिरता का सीधा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिख रहा है। तेल की कीमतें बढ़ने से न केवल आम जनता का बजट बिगड़ रहा है, बल्कि कंपनियों के लिए भी इनपुट कॉस्ट बढ़ रही है, जिससे उनके नेट प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ना तय है।

राजनीतिक गतिरोध (Political Gridlock) का खतरा

अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का कब्जा होने से वाशिंगटन में 'पॉलिसी ग्रिडलॉक' की स्थिति पैदा हो सकती है। जब लेजिस्लेटिव शाखा और एग्जीक्यूटिव के बीच तालमेल की कमी होती है, तो नए कानून पास करने और बजट आवंटन में काफी देरी होती है। वाइस-प्रेसिडेंट JD Vance ने भी माना है कि चुनाव के दौरान युद्ध और आर्थिक चुनौतियों ने पार्टी के लिए मुश्किलें पैदा कीं।

न्यूक्लियर निगरानी और वैश्विक जोखिम

आर्थिक मोर्चे के अलावा, ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर भी चिंताएं बरकरार हैं। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi का कहना है कि हालांकि अभी फैसिलिटी के फिर से निर्माण के सबूत नहीं हैं, लेकिन समृद्ध यूरेनियम के स्टॉक की स्थिति को लेकर पूरी स्पष्टता न होना वैश्विक बाजारों के लिए एक बड़ा 'जियोपॉलिटिकल रिस्क' है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि नई कांग्रेस किस तरह फॉरेन पॉलिसी और एनर्जी रेगुलेशंस को संभालती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.