अमेरिका में दक्षिण एशियाई वोटर्स के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक सर्वे के अनुसार, **25%** रिपब्लिकन समर्थक अब डेमोक्रेट्स की ओर रुख कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर H-1B वीजा और ट्रेड पॉलिसी को प्रभावित कर सकता है।
चुनावी हवा का रुख और भारतीय बाजार
हालिया सर्वे 'Indian American Impact' की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में रहने वाले दक्षिण एशियाई मूल के लगभग 25% मतदाता, जिन्होंने 2024 में रिपब्लिकन पार्टी को समर्थन दिया था, वे अब आगामी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को चुनने की योजना बना रहे हैं। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत (65%) है।
क्यों चिंता में हैं निवेशक?
यह राजनीतिक बदलाव मिशिगन और टेक्सास जैसे राज्यों में चुनावी नतीजे बदल सकता है, जहां भारतीय मूल के पेशेवरों की बड़ी आबादी है। भारतीय IT और फार्मा कंपनियों के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है, जहाँ उनकी 50% से 60% रेवेन्यू आती है।
अमेरिकी कांग्रेस में वीजा नियमों, आउटसोर्सिंग और ट्रेड टैरिफ पर होने वाली बहस सीधे तौर पर भारतीय टेक कंपनियों के 'टैलेंट मोबिलिटी' को प्रभावित करती है। अगर चुनाव के बाद नीतियां बदलती हैं, तो यह सीधे कंपनियों के ऑपरेशनल खर्च और रेगुलेटरी माहौल को बदल सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
हालांकि, चुनावी वादों और असल कानूनों के बीच बड़ा अंतर होता है, लेकिन निवेशकों को अमेरिकी चुनाव के दौरान उम्मीदवारों के रुख पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। विशेष रूप से हेल्थकेयर और माइग्रेशन पर आने वाले प्रस्ताव आने वाले समय में इंडियन स्टॉक्स के लिए बड़े ट्रिगर साबित हो सकते हैं।
