Birthright Citizenship: अमेरिकी कोर्ट का बड़ा फैसला, ट्रंप प्रशासन के विवादित आदेश पर लगाई रोक

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Birthright Citizenship: अमेरिकी कोर्ट का बड़ा फैसला, ट्रंप प्रशासन के विवादित आदेश पर लगाई रोक

अमेरिकी कोर्ट ने बर्थराइट सिटीजनशिप पर लगाम लगाने वाले ट्रंप प्रशासन के **6 अगस्त** के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर अंतरिम रोक लगा दी है। फिलहाल, बच्चों की नागरिकता को लेकर मौजूदा नियम लागू रहेंगे।

कोर्ट का क्या है रुख?

डिस्ट्रिक्ट जज डेबोरा बोर्डमैन ने 2 सितंबर, 2026 को एक प्रीलिमिनरी इंजंक्शन जारी किया है। इस फैसले के बाद स्टेट डिपार्टमेंट, जस्टिस डिपार्टमेंट और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग अब उस निर्देश को लागू नहीं कर पाएंगे, जो विदेशी मूल के माता-पिता की कुछ श्रेणियों के बच्चों को ऑटोमैटिक नागरिकता से वंचित करने की कोशिश कर रहा था।

संवैधानिक पेंच

जज बोर्डमैन ने अपने आदेश में साफ किया है कि यह कार्यकारी आदेश अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करता है। प्रशासन का तर्क था कि यह नीति पुरानी कोशिशों से ज्यादा सीमित है, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि आदेश के प्रावधान इतने सख्त हैं कि इसमें तुरंत हस्तक्षेप जरूरी था।

भारतीय IT सेक्टर पर असर

भले ही यह एक कानूनी मामला है, लेकिन अमेरिका में इमिग्रेशन और वीजा नीतियों में अस्थिरता का असर भारतीय IT कंपनियों के लिए बड़ा रिस्क बन सकता है। भारतीय कंपनियां टैलेंट मोबिलिटी के लिए अमेरिकी वीजा फ्रेमवर्क पर काफी हद तक निर्भर हैं। हालांकि अभी स्थिति स्थिर है, लेकिन कानूनी लड़ाई आगे बढ़ने के आसार हैं, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी रह सकती है।

आगे क्या होगा?

यह कानूनी जंग अभी थमी नहीं है। प्रशासन इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालतों में अपील कर सकता है या 'इमरजेंसी स्टे' की मांग कर सकता है। इसके अलावा, न्यू हैम्पशायर सहित अन्य जगहों पर भी समान कानूनी चुनौतियां लंबित हैं, जो भविष्य में इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जा सकती हैं। निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स के लिए यह जरूरी है कि वे इस पर नजर बनाए रखें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.