UN Security Council Reform: दिल्ली BRICS समिट में Guterres उठाएंगे बड़ा मुद्दा, क्या बदलेगी ग्लोबल इकोनॉमी?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
UN Security Council Reform: दिल्ली BRICS समिट में Guterres उठाएंगे बड़ा मुद्दा, क्या बदलेगी ग्लोबल इकोनॉमी?

संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 18वें BRICS समिट के लिए नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। उनका मुख्य फोकस UN सिक्योरिटी काउंसिल और ब्रेटन वुड्स फाइनेंशियल सिस्टम में बदलाव लाने पर है, जिसका ग्लोबल ट्रेड और मार्केट पॉलिसी पर बड़ा असर पड़ सकता है।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस इस सप्ताह 18वें BRICS समिट के लिए नई दिल्ली का दौरा करेंगे। 12 और 13 सितंबर, 2026 को होने वाले इस सम्मेलन में भारत अध्यक्षता कर रहा है, जो ग्लोबल गवर्नेंस में बदलाव के लिए एक बड़ा मंच बन गया है। गुटेरेस का तर्क है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं 1945 के दौर की हैं, जो आज की 21वीं सदी की आर्थिक हकीकतों के अनुरूप नहीं हैं।

रिफॉर्म का एजेंडा और निवेशकों के लिए मायने

गुटेरेस की सबसे बड़ी मांग UN सिक्योरिटी काउंसिल और ब्रेटन वुड्स सिस्टम (IMF और वर्ल्ड बैंक) में ढांचागत सुधार की है। ये संस्थाएं ग्लोबल डेट, करेंसी डायनामिक्स और फंड मैनेजमेंट का आधार हैं। निवेशकों के लिए इन संस्थाओं का स्थायित्व बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये सीधे तौर पर ग्लोबल इकोनॉमिक पॉलिसी और कैपिटल एलोकेशन को प्रभावित करती हैं। यदि इस सिस्टम में बदलाव होता है, तो वैश्विक स्तर पर आर्थिक निर्णय लेने की प्रक्रिया पूरी तरह बदल सकती है।

भारत की दावेदारी और मोदी की बातचीत

भारत के लिए यह समिट UN सिक्योरिटी काउंसिल में अपनी स्थायी सदस्यता की दावेदारी को और मजबूत करने का जरिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुटेरेस के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे, जिसमें वैश्विक गवर्नेंस को समकालीन जियोपॉलिटिकल और डेमोग्राफिक बदलावों के साथ जोड़ने पर चर्चा होगी।

रिस्क फैक्टर और मार्केट अनिश्चितता

सुधारों की राह आसान नहीं है। प्रमुख वैश्विक ताकतों के बीच आपसी खींचतान के कारण सहमति बनना कठिन है, जिससे संस्थागत गतिरोध (Institutional Gridlock) पैदा हो सकता है। यह अनिश्चितता एनर्जी सिक्योरिटी और क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड पॉलिसी को प्रभावित कर सकती है। ग्लोबल मार्केट्स में स्थिरता बनाए रखने के लिए निवेशकों को इस समिट के नतीजों और प्रस्तावित बदलावों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.