कॉमनवेल्थ समिट से पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री Andy Burnham ने दास प्रथा में ब्रिटेन की भूमिका के लिए औपचारिक माफी मांगने के संकेत दिए हैं, लेकिन सरकार ने सीधे नकद मुआवजे (Reparations) की मांग को खारिज कर दिया है।
ब्रिटिश सरकार एंटीगुआ और बारबुडा में होने वाले Commonwealth Heads of Government Meeting के दौरान अपने औपनिवेशिक इतिहास को लेकर एक बड़ी कूटनीतिक चर्चा की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री Andy Burnham ने संकेत दिया है कि उनका प्रशासन ट्रांसअटलांटिक स्लेव ट्रेड में देश की ऐतिहासिक भूमिका के लिए औपचारिक माफी जारी कर सकता है।
मुआवजे पर सरकार का सख्त रुख
जहां माफी मांगने की दिशा में यह एक बड़ा बदलाव है, वहीं वित्तीय मुआवजे पर सरकार का स्टैंड बिल्कुल स्पष्ट है। प्रधानमंत्री का मानना है कि आज के ब्रिटिश टैक्सपेयर्स को सदियों पहले हुई घटनाओं की वित्तीय जिम्मेदारी नहीं उठानी चाहिए। इसी वजह से सीधे नकद भुगतान की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया गया है।
कर्ज पुनर्गठन (Debt Restructuring) का प्रस्ताव
नकद पैसे देने के बजाय, यूके सरकार कमजोर अर्थव्यवस्था वाले देशों के लिए 'डेब्ट रीस्ट्रक्चरिंग' का प्रस्ताव रख रही है। इसमें लोन चुकाने की शर्तों को आसान बनाना या समय सीमा को बढ़ाना शामिल है। इसका लक्ष्य क्लाइमेट चेंज, एजुकेशन और हेल्थकेयर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए आर्थिक राहत प्रदान करना है। कई कैरेबियन देश इसे एक सकारात्मक शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं।
समिट में बढ़ती हलचल
56 सदस्य देशों वाले इस समिट में यह चर्चा सबसे बड़ा केंद्र बिंदु है। एंटीगुआ और बारबुडा के प्रधानमंत्री Gaston Browne जैसे कैरेबियन लीडर्स इसे विकास के लिए एक रचनात्मक कदम मान रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बावजूद किंग चार्ल्स के भी समिट में शामिल होने की उम्मीद है। बकिंघम पैलेस का कहना है कि महाराज ब्रिटेन के जटिल औपनिवेशिक इतिहास को स्वीकार करने की योजना बना रहे हैं, हालांकि सरकारी नीतियों पर वे कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।
