Israel-UK Dispute: गाजा मॉनिटर विवाद से बढ़ी टेंशन, ग्लोबल मार्केट में हलचल की आशंका

WORLD-AFFAIRS
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Israel-UK Dispute: गाजा मॉनिटर विवाद से बढ़ी टेंशन, ग्लोबल मार्केट में हलचल की आशंका

UK ने Israel को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह International Gaza Support Center से ब्रिटिश अधिकारियों को न हटाए। इस राजनयिक गतिरोध और Persian Gulf की अस्थिरता का सीधा असर ग्लोबल शिपिंग और एनर्जी मार्केट पर पड़ सकता है।

कूटनीतिक टकराव और बिगड़ते हालात

यूके ने इजरायल को आधिकारिक चेतावनी दी है कि यदि वे International Gaza Support Center (IGSC) से ब्रिटिश अधिकारियों को निकालते हैं, तो यह 20-पॉइंट शांति योजना को बुरी तरह प्रभावित करेगा। यह केंद्र 50 देशों के अधिकारियों के लिए सीजफायर की निगरानी करने का मुख्य अड्डा है। इजरायल ने पहले ही डच और स्पेनिश प्रतिनिधियों को हटाया है, जिससे कूटनीतिक तनाव और गहरा गया है।

मार्केट पर क्या होगा असर?

निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि ये तनाव केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं। Persian Gulf पहले से ही Iran के साथ चल रहे संघर्ष के कारण अस्थिर है। Strait of Hormuz, जो दुनिया की 20% तेल और गैस सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण है, वहां किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई या प्रतिबंधों से शिपिंग और एनर्जी कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव आ सकता है।

ग्लोबल ट्रेड और रिस्क फैक्टर

Washington और Tehran के बीच बढ़ते तनाव और नए अमेरिकी प्रतिबंधों ने ग्लोबल ट्रेड आउटलुक को और जटिल बना दिया है। खान यूनिस (Khan Younis) के पास हालिया हवाई हमलों ने क्षेत्रीय असुरक्षा को और बढ़ा दिया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि सीजफायर मॉनिटरिंग सिस्टम विफल रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों और कमोडिटी मार्केट में जोखिम बढ़ना तय है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.