Nepal Flood Crisis: नेपाल में ग्लेशियर फटने से मची तबाही, ब्रिटेन ने मदद के लिए दिए **£5 मिलियन**

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AuthorNeha Patil|Published at:
Nepal Flood Crisis: नेपाल में ग्लेशियर फटने से मची तबाही, ब्रिटेन ने मदद के लिए दिए **£5 मिलियन**

नेपाल में ग्लेशियर ढहने से आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद ब्रिटेन ने **£5 मिलियन** की इमरजेंसी सहायता का ऐलान किया है। हादसे में **1,500** से ज्यादा लोग लापता हैं, जिनमें **33** ब्रिटिश नागरिक भी शामिल हैं।

राहत और बचाव की चुनौती

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने इस संकट के समय में मदद का हाथ बढ़ाते हुए £5 मिलियन के राहत पैकेज की घोषणा की है। इस राशि का इस्तेमाल साफ पानी, भोजन और मेडिकल सुविधाओं को प्रभावित इलाकों तक पहुँचाने में किया जाएगा। यह त्रासदी नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास ग्लेशियर फटने के कारण आई है, जिसने पूरे गांवों को कीचड़ के ढेर में बदल दिया है।

गंभीर स्थिति और लापता लोगों की तलाश

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 270 के पार पहुंच गई है। वहीं, 1,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। ब्रिटिश फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) राहत कार्यों के लिए नेपाल सरकार से अनुमति मिलने का इंतजार कर रहा है। फॉरेन सेक्रेटरी एड मिलिबैंड वर्ल्ड बैंक और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस (IFRC) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर फंड को सही जगह पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।

क्यों मुश्किल है रेस्क्यू ऑपरेशन?

बचाव दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती भौगोलिक परिस्थितियां हैं। घटनास्थल पर भारी मात्रा में कीचड़ जमा होने के कारण बड़ी मशीनों का पहुँचना मुश्किल हो गया है। संचार नेटवर्क पूरी तरह ठप होने से टीम्स का आपस में संपर्क करना भी एक बड़ी बाधा बना हुआ है। भू-वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इलाके में और भी लैंडस्लाइड हो सकते हैं, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन और धीमा हो सकता है। भारत और चीन जैसे पड़ोसी देश भी प्रभावित क्षेत्र में मदद पहुँचाने के लिए लामबंद हो रहे हैं।

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