लिवरपूल में चल रही Labour Party कॉन्फ्रेंस में PM Andy Burnham पोस्ट-ब्रेक्जिट इकोनॉमिक स्ट्रैटेजी पेश कर रहे हैं। **28 अक्टूबर** को आने वाले बजट से पहले सरकार बढ़ती ऊर्जा लागत और डिफेंस खर्च के दबाव में है, जिस पर भारतीय कंपनियों की नजरें टिकी हैं।
लिवरपूल में Labour Party की कॉन्फ्रेंस चल रही है, जहां प्रधानमंत्री Andy Burnham पोस्ट-ब्रेक्जिट सुस्ती के बाद देश की अर्थव्यवस्था के लिए नया रोडमैप तैयार कर रहे हैं। यह कॉन्फ्रेंस 28 अक्टूबर को पेश होने वाले बजट से पहले सरकार की पॉलिसी दिशा तय करने का एक अहम मंच है।\n\n### निवेशकों की नजर बजट पर\nइन्वेस्टर्स की निगाहें ट्रेजरी चीफ John Healey की बजट घोषणाओं पर टिकी हैं। सरकार को एक तरफ बढ़ती एनर्जी कॉस्ट और दूसरी तरफ डिफेंस सेक्टर के खर्चों के बीच तालमेल बिठाना है। इन मजबूरियों के चलते सरकार टैक्स बढ़ाने या मितव्ययिता (Austerity) के उपायों पर विचार कर रही है, जो पब्लिक सर्विसेज को प्रभावित कर सकते हैं।\n\n### भारतीय कंपनियों पर असर\nमिडल ईस्ट में जारी तनाव और 'Strait of Hormuz' में सप्लाई चेन की दिक्कतों का असर ग्लोबल इकोनॉमी पर दिख रहा है। भारतीय निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि UK की IT और प्रोफेशनल सर्विसेज मार्केट में कई भारतीय कंपनियां मौजूद हैं। वहां की पॉलिसी में कोई भी बदलाव इन कंपनियों के मार्जिन और रेवेन्यू पर सीधा असर डाल सकता है।\n\n### UK-EU ट्रेड रिश्ते\nUK और European Union के बीच व्यापारिक संबंध अभी भी जटिल बने हुए हैं। नवंबर तक टले UK-EU शिखर सम्मेलन का मतलब है कि रेगुलेशंस और घरेलू मैन्युफैक्चरर्स को प्रभावित करने वाले मुद्दे अभी और खिंच सकते हैं। आगामी बजट में सरकार का जोर रेवेन्यू जुटाने पर रहता है या डिमांड बढ़ाने पर, यह मार्केट के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर होगा।
