वेस्टमिंस्टर कोर्ट में दो ईरानी नागरिकों को आतंकी साजिश रचने के आरोप में पेश किया गया। ये दोनों मैनचेस्टर में यहूदी स्थलों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे, जिसके बाद ब्रिटेन में सुरक्षा और इमिग्रेशन नीतियों पर बहस छिड़ गई है।
वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दो ईरानी नागरिकों, 36 वर्षीय सलाम अहमदीयान और 34 वर्षीय रहमान सालेही को आतंकी कृत्यों की तैयारी के आरोप में हिरासत में भेज दिया है। आरोप है कि ये दोनों मैनचेस्टर स्थित 'हीटन पार्क कांग्रिगेशन सिनगॉग' और 'ज्यूइश म्यूजियम' की रेकी कर रहे थे।\n\nप्रोसिक्यूटर्स का दावा है कि ये संदिग्ध ईरान में बैठे किसी हैंडलर के इशारे पर काम कर रहे थे और क्लोरीन-आधारित विस्फोटक बनाने की साजिश रच रहे थे। इन्हें 20 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था और अब ये 23 अक्टूबर को सेंट्रल क्रिमिनल कोर्ट में अगली सुनवाई तक पुलिस कस्टडी में रहेंगे।\n\n### जियोपॉलिटिकल और सुरक्षा चिंताएं\nयह घटना ऐसे समय में हुई है जब ब्रिटेन में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खास बात यह है कि हीटन पार्क सिनगॉग में ही पिछले साल 2025 में एक घातक हमला हुआ था, जिसमें 2 लोगों की जान गई थी। हालांकि काउंटर-टेरर अधिकारियों का कहना है कि आम जनता के लिए कोई व्यापक खतरा नहीं है, लेकिन इस घटना ने इमिग्रेशन और बॉर्डर सिक्योरिटी पर नई बहस छेड़ दी है।\n\nरिपोर्ट्स के अनुसार, संदिग्धों ने इंग्लिश चैनल के रास्ते छोटी नावों का इस्तेमाल कर ब्रिटेन में प्रवेश किया था। अब निवेशक और विश्लेषक इस मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि इसका असर भविष्य की असलम (Asylum) नीतियों और यूके-ईरान राजनयिक संबंधों पर पड़ सकता है। फिलहाल बाजार पर इसका कोई सीधा असर नहीं है, लेकिन ग्लोबल मार्केट्स में स्थिरता के लिहाज से इसे एक महत्वपूर्ण रिस्क फैक्टर के तौर पर देखा जा रहा है।
