ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Andy Burnham ने आधिकारिक रूप से RAF Fairford एयरबेस पर सुरक्षा खतरे के पीछे ईरान के IRGC का हाथ बताया है। जवाब में यूके सरकार ने दो ईरानी नागरिकों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Andy Burnham ने हाल ही में खुलासा किया है कि सितंबर 2026 में RAF Fairford एयरबेस के खिलाफ हुई सुरक्षा घटना के पीछे ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का हाथ था। 12 अक्टूबर, 2026 को की गई इस घोषणा से लंदन और तेहरान के बीच कूटनीतिक दूरियां और बढ़ गई हैं।
क्या थी घटना?
27 सितंबर, 2026 को Gloucestershire स्थित एयरबेस के पास संदिग्ध गतिविधियों के कारण 5 लोगों को पकड़ा गया था। पुलिस ने वैन से फ्यूल कंटेनर बरामद किए, हालांकि कोई विस्फोटक नहीं मिला। इस घटना के बाद, एयरबेस पर तैनात अमेरिकी B-1 बॉम्बर विमानों को फिलहाल वहां से हटा दिया गया है।
प्रतिबंधों का दौर
ब्रिटेन ने इस साजिश के जवाब में दो ईरानी नागरिकों, Ruhollah Bazghandi (IRGC के काउंटर-इंटेलिजेंस प्रमुख) और Shahram Ali Reza Tamarzadeh Jakki पर वित्तीय प्रतिबंध (Sanctions) लगा दिए हैं। तेहरान ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है।
निवेशकों के लिए संकेत
हालांकि यह कोई कॉर्पोरेट घटना नहीं है और इसका किसी विशेष स्टॉक पर सीधा असर नहीं है, लेकिन ग्लोबल निवेशक इस तरह के भू-राजनीतिक (Geopolitical) घटनाक्रमों पर नजर रखते हैं। मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने से अक्सर क्रूड ऑयल की कीमतों और शिपिंग इंश्योरेंस लागत में अस्थिरता आ सकती है, जिस पर बाजार के जानकारों की पैनी नजर है।
