UAE की सेना ने सोमवार को एक Iranian ड्रोन को मार गिराया है, जिससे खाड़ी देशों में तनाव बढ़ गया है। इस घटना के बाद Brent क्रूड ऑयल के भाव **1%** से ज्यादा चढ़ गए हैं, जिससे निवेशकों में सप्लाई चेन को लेकर चिंता बढ़ गई है।
तनाव का एनर्जी मार्केट पर असर
UAE डिफेंस मिनिस्ट्री ने पुष्टि की है कि उनके एयर फोर्स ने अपने समुद्री क्षेत्र में घूम रहे एक Iranian ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है। यह तनाव उस समय बढ़ा है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रही इन गतिविधियों के कारण Brent क्रूड ऑयल के भाव में 1% से अधिक का उछाल देखने को मिला है।
भारतीय निवेशकों के लिए चेतावनी
भारत अपनी एनर्जी जरूरतों के लिए काफी हद तक इंपोर्ट पर निर्भर है। कच्चे तेल की कीमतों में ऐसी तेजी सीधे तौर पर भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट और करेंसी (रुपया) पर दबाव डालती है। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो इसका सीधा असर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) और एविएशन सेक्टर के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ सकता है।
ग्लोबल सप्लाई चेन पर संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए एनर्जी सप्लाई का सबसे महत्वपूर्ण रूट है। यदि वहां तनाव बढ़ता है, तो शिपिंग के बीमा (Insurance) और माल ढुलाई (Freight costs) के दाम बढ़ सकते हैं। इससे उन सभी सेक्टरों की लागत बढ़ जाएगी जो ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भर हैं। अभी फिलहाल फिजिकल सप्लाई में कोई बड़ी रुकावट नहीं आई है, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर अब diplomatic घटनाक्रमों और क्रूड ऑयल के प्राइस ट्रेंड पर बनी हुई है।
