Manipur Assembly में **2 सितंबर 2026** को एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। विधायक Kimneo Haokip Hangshing और Haokholet Kipgen ने सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जो **मई 2023** के बाद पहली बार हुई है।
सदन में वापसी का घटनाक्रम
इम्फाल में 12वीं Manipur Legislative Assembly के आठवें सत्र के दौरान Kuki-Zo समुदाय के दो विधायकों ने सदन में भौतिक रूप से हिस्सा लिया। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मई 2023 में राज्य में शुरू हुए जातीय संघर्ष के बाद से इस समुदाय के किसी भी प्रतिनिधि ने विधानसभा भवन में कदम नहीं रखा था।
बहिष्कार के बावजूद बड़ा फैसला
विधायक Kimneo Haokip Hangshing और Haokholet Kipgen ने Kuki Inpi Manipur के उस आधिकारिक निर्देश को दरकिनार किया, जिसमें समुदाय के सभी विधायकों को विधानसभा सत्र का बहिष्कार करने के लिए कहा गया था। यह संगठन अलग राजनीतिक प्रशासन की मांग कर रहा है। इन दोनों विधायकों का सदन में पहुंचना समुदाय के भीतर रणनीति में बदलाव और विधायी प्रतिनिधित्व के प्रति बढ़ती गंभीरता की ओर इशारा करता है।
गवर्नेंस पर असर
12वीं विधानसभा में कुल 9 Kuki-Zo विधायक हैं। पिछले 3 सालों से सुरक्षा चिंताओं और राजनीतिक गतिरोध के कारण सदन में समुदाय की भागीदारी लगभग नगण्य थी। हालांकि डिप्टी चीफ मिनिस्टर Nemcha Kipgen पहले वर्चुअली जुड़ी थीं, लेकिन अब अन्य सदस्यों की भौतिक उपस्थिति से सदन की कार्यप्रणाली में बदलाव की उम्मीद है।
आगे की राह
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बाकी Kuki-Zo प्रतिनिधि भी इसी राह पर चलते हैं। हालांकि, राज्य के सामने मौजूद मानवीय संकट और विस्थापन जैसी चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं। इस घटना को सामान्य विधायी कामकाज की ओर एक कदम माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक समाधान के लिए सभी पक्षों के बीच निरंतर बातचीत की जरूरत बनी हुई है।
