डलास में Donald Trump का दो दिवसीय मिडटर्म कन्वेंशन शुरू हो चुका है, लेकिन इस आयोजन के सामने बड़ी आर्थिक चुनौतियां खड़ी हैं। Brent क्रूड का भाव **$100** प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है और ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
भू-राजनीतिक संकट और बाजार का दबाव
9 सितंबर 2026 से शुरू हुआ यह कन्वेंशन पार्टी की रणनीति के लिए अहम है, लेकिन ग्लोबल मार्केट की नजरें यहाँ जारी भू-राजनीतिक तनाव पर टिकी हैं। कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी परिसंपत्तियों पर हुए हमलों के बाद से ईरान के साथ चल रहा संघर्ष और गहरा गया है। इसका सीधा असर कमोडिटी मार्केट पर पड़ा है, जहाँ Brent क्रूड की कीमतें $100 के स्तर के ऊपर बनी हुई हैं। यह महंगाई को और बढ़ा सकता है और अमेरिकी उद्योगों के लिए इनपुट कॉस्ट में बड़ी बढ़ोतरी कर सकता है।
राजनीतिक अनिश्चितता का असर
चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल भी गरम है। राष्ट्रपति की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 33% के स्तर पर पहुंच गई है, जो उनके दूसरे कार्यकाल का निचला स्तर है। इस राजनीतिक अस्थिरता के कारण कई रिपब्लिकन उम्मीदवार डलास के इस इवेंट से दूरी बनाए हुए हैं। निवेशकों के लिए चिंता का विषय यह है कि बढ़ती महंगाई और विदेश नीति की नाकामियों का असर नवंबर के चुनावी नतीजों पर कैसा होगा।
मार्केट का नजरिया
फिलहाल, मार्केट पार्टिसिपेंट्स इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि वाशिंगटन की भविष्य की फिस्कल पॉलिसी और एनर्जी स्ट्रैटेजी में क्या बदलाव आते हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं, जिससे एनर्जी मार्केट में वोलेटिलिटी (volatility) बने रहने की आशंका है। आने वाली तिमाही में कंपनियों के मुनाफे और ग्लोबल इकोनॉमी की स्टेबिलिटी पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
