Trump का बड़ा दांव! होर्मुज जलडमरूमध्य को घोषित किया अमेरिकी क्षेत्र, कच्चा तेल पहुंचा $90 के पार

WORLD-AFFAIRS
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Trump का बड़ा दांव! होर्मुज जलडमरूमध्य को घोषित किया अमेरिकी क्षेत्र, कच्चा तेल पहुंचा $90 के पार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने का ऐलान किया है। इस खबर से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $90 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन पर चिंताएं बढ़ गई हैं।

होर्मुज पर अमेरिका का कब्जा, क्यों मचा हड़कंप?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क में एक रैली के दौरान बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को अब से संयुक्त राज्य अमेरिका का क्षेत्र माना जाएगा। यह कदम फरवरी 2026 से चल रहे अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव को और बढ़ाने वाला है।

तेल सप्लाई पर सीधा असर

होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा व्यापार के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। मौजूदा संघर्ष से पहले, यह संकीर्ण जलमार्ग दुनिया भर के तेल और लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) के समुद्री शिपमेंट का लगभग 20% हिस्सा संभालता था। ऐसे में, इस जलडमरूमध्य की स्थिरता पर किसी भी खतरे या आवाजाही में रुकावट से वैश्विक कमोडिटी बाजारों में सप्लाई की सुरक्षा को लेकर तुरंत चिंताएं बढ़ जाती हैं।

कच्चे तेल में भारी उछाल, गैस हुई महंगी

इस भू-राजनीतिक घोषणा के बाद एनर्जी मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $87 से $90 प्रति बैरल के बीच कारोबार कर रही हैं। उपभोक्ताओं के लिए, इन भू-राजनीतिक तनावों का सीधा असर पेट्रोल पंपों पर दिख रहा है, जहां अमेरिकी गैसोलीन की कीमतें फिलहाल लगभग $4 प्रति गैलन के आसपास बनी हुई हैं।

नए आर्थिक प्रतिबंधों की तैयारी

इस कूटनीतिक कदम के साथ ही, ईरान पर और अधिक वित्तीय दबाव डाले जाने की उम्मीद है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेस्सेंट ने संकेत दिया है कि प्रशासन 14 अगस्त के बाद वाले हफ्ते में ही ईरान के खिलाफ नए और अभूतपूर्व आर्थिक उपाय लागू करने की योजना बना रहा है। ये कदम ईरान की वित्तीय क्षमता को खत्म करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा हैं। हालांकि, मिडटर्म चुनावों से पहले ऊर्जा महंगाई जैसे घरेलू मुद्दों को साधने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय नीति को संतुलित करने में अमेरिकी प्रशासन को जोखिम भी उठाना पड़ सकता है।

आगे क्या?

वैश्विक लॉजिस्टिक्स के नजरिए से, निवेशकों और तेल आयात करने वाले देशों के लिए सबसे बड़ी चिंता इस जलमार्ग तक पहुंच अवरुद्ध होने या प्रतिबंधित होने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय कानूनी विशेषज्ञ भी ऐसे क्षेत्रीय दावे की वैधता का आकलन कर रहे हैं। स्थिति अभी भी अनिश्चित है, और आने वाले सप्ताह में सबसे महत्वपूर्ण बात अमेरिकी ट्रेजरी के नियोजित आर्थिक उपायों का विवरण और मध्य पूर्व के क्षेत्रीय शक्तियों से राजनयिक या सैन्य प्रतिक्रिया होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.