US प्रेसिडेंट Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे। यह बैठक नवंबर में समाप्त होने वाली ट्रेड ट्रूस (Trade Truce) पर केंद्रित होगी, जिसका असर ग्लोबल मार्केट और भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है।
24 सितंबर को होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। नवंबर में ट्रेड ट्रूस की समय सीमा खत्म हो रही है, ऐसे में यह मुलाकात भविष्य के व्यापारिक रिश्तों की दिशा तय करेगी। हालांकि, दोनों देशों के बीच पिछले कई सालों से जारी तनाव को देखते हुए निवेशकों को बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं रखनी चाहिए।
ट्रेड फ्रिक्शन का पुराना इतिहास
साल 2025 की शुरुआत से ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। एक समय ऐसा भी आया जब दोनों तरफ से टैरिफ बढ़कर 125% तक पहुंच गए थे। हालांकि जेनेवा में बातचीत के बाद कुछ समय के लिए तनाव कम हुआ था, लेकिन फरवरी 2026 में US सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 10% का ग्लोबल टैरिफ लागू कर दिया गया। फिलहाल रेयर-अर्थ एक्सपोर्ट कंट्रोल, AI रेगुलेशन और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी जैसे कई मुद्दों पर पेंच फंसा हुआ है।
भारतीय बाजारों पर असर
भारतीय निवेशकों के लिए यह बैठक बेहद अहम है। जब भी ग्लोबल मार्केट में ट्रेड वॉर का तनाव बढ़ता है, तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का सेंटिमेंट खराब होता है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार में लिक्विडिटी (Liquidity) पर पड़ सकता है।
इसके अलावा, 'चाइना+1' (China+1) रणनीति के तहत दुनिया भर की कंपनियां अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस को डायवर्सिफाई कर रही हैं। यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है, तो मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की रफ्तार पर असर पड़ सकता है। वहीं, अगर व्यापारिक बाधाएं और सख्त होती हैं, तो कंपनियां तेजी से भारत जैसे विकल्पों की ओर रुख करेंगी।
कमोडिटी और कॉस्ट का गणित
चीन दुनिया भर के कच्चे माल का सबसे बड़ा कंज्यूमर है। ट्रेड डायनामिक्स में किसी भी बदलाव का असर क्रूड ऑयल, मेटल्स और एग्रीकल्चरल गुड्स की कीमतों पर पड़ता है। भारत कई कमोडिटीज का नेट इम्पोर्टर (Net Importer) है, इसलिए वैश्विक कीमतों में उछाल सीधे तौर पर हमारे घरेलू मैन्युफैक्चरर्स की लागत और महंगाई (Inflation) को बढ़ा सकता है। निवेशकों को इस बैठक के बाद ट्रेड ट्रूस के विस्तार पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इसी से बाजार में स्थिरता का पता चलेगा।
