White House Press Access: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एक्शन, CNN, Politico और MS NOW की एंट्री पर लगाई रोक

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
White House Press Access: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एक्शन, CNN, Politico और MS NOW की एंट्री पर लगाई रोक

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गलत रिपोर्टिंग का हवाला देते हुए CNN, Politico और MS NOW के व्हाइट हाउस प्रेस क्रेडेंशियल्स रद्द कर दिए हैं। इस फैसले से मीडिया कंपनियों के कामकाज पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल है।

व्हाइट हाउस ने एक बड़ा और विवादित कदम उठाते हुए तीन प्रमुख मीडिया संस्थानों CNN, Politico और MS NOW के प्रेस क्रेडेंशियल्स को रद्द कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला लगातार की जा रही गलत रिपोर्टिंग के कारण लिया गया है। इस कदम को कार्यपालिका और मीडिया के रिश्तों में आए एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही, चेतावनी दी गई है कि भविष्य में अन्य आउटलेट्स पर भी ऐसी पाबंदियां लग सकती हैं।

गंभीर आरोप और निवेशकों की चिंता

राष्ट्रपति ट्रंप ने इन संस्थानों पर सीधे निशाना साधा है। उनका दावा है कि MS NOW (पूर्व में MSNBC) अपनी विश्वसनीयता और व्यूअरशिप खो रहा है। इसके अलावा, उन्होंने Politico पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि बाइडेन प्रशासन के दौरान उन्हें $8 मिलियन का सब्सक्रिप्शन भुगतान मिला था। हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत नहीं दिए गए हैं।

निवेशकों के नजरिए से देखें तो यह स्थिति मीडिया सेक्टर में भारी अनिश्चितता पैदा कर रही है। प्रेस एक्सेस छिनने से समय पर कवरेज प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर व्यूअरशिप और एडवरटाइजिंग रेवेन्यू पर पड़ सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि राजनीतिक और रेगुलेटरी दबाव बढ़ने से इन मीडिया स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकता है।

कानूनी चुनौतियां और रिस्क

इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है। हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी के डेमोक्रेटिक सदस्य फ्रैंक पलोन ने इसे 'सेंसरशिप' करार दिया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन को अदालती चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वर्ष 2019 में एक फेडरल कोर्ट ने पत्रकार को बैन करने की कोशिश को खारिज कर दिया था, जो एक बड़ा कानूनी प्रेसिडेंट है। इसके अलावा, प्रशासन अब फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) से उन स्टेशनों की जांच कराने की पैरवी कर रहा है जो आलोचनात्मक कवरेज करते हैं, जिससे रेगुलेटरी रिस्क और बढ़ गया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.