US President Donald Trump और Chinese President Xi Jinping की **24 सितंबर** को होने वाली बैठक से ठीक पहले Taiwan ने बड़े स्तर पर मिलिट्री ड्रिल की है। नए ड्रोन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर ताइवान ने अपनी ताकत दिखाई है, जो ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के लिहाज से निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
बाजार की चिंता का असली कारण
शुक्रवार को Taiwan ने मिसाइल लॉन्च और पहली बार अटैक ड्रोन्स के साथ संयुक्त कॉम्बैट एक्सरसाइज की है। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त पर हुआ है जब 24 सितंबर को डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण बैठक होनी है। निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि Taiwan दुनिया के सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का सबसे बड़ा हब है।
टेक्नोलॉजी सेक्टर पर असर
Taiwan Strait में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव सीधे तौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और टेलीकॉम जैसे सेक्टरों को प्रभावित कर सकता है। अगर तनाव बढ़ता है, तो ग्लोबल सप्लाई चेन में अनिश्चितता आएगी, जो निवेशकों के सेंटीमेंट को बिगाड़ सकती है। ताइवान अब अपने डिफेंस सिस्टम को तेजी से आधुनिक बना रहा है और अगले हफ्ते US-made HIMARS रॉकेट सिस्टम के साथ भी टेस्ट करने की तैयारी है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
आने वाले दिनों में इस शिखर सम्मेलन से निकलने वाले फैसले—जैसे मिलिट्री एड, हथियारों की डील या व्यापारिक समझौते—ग्लोबल मार्केट की दिशा तय करेंगे। टेक कंपनियों के वैल्युएशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों पर इन नतीजों का बड़ा असर पड़ सकता है। ग्लोबल मार्केट के खिलाड़ी अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या यह समिट स्थिरता लेकर आएगा या व्यापारिक प्रतिबंधों की नई मुश्किलें खड़ी करेगा।
