Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) और गठबंधन सहयोगियों के बीच 9 सितंबर को एक अहम बैठक होने जा रही है। 2029 के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर जारी खींचतान और Chief Minister C. Joseph Vijay के नाम पर मचे घमासान से निवेशक भी अलर्ट मोड पर हैं।
गठबंधन में बढ़ती दरार
मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay के नेतृत्व वाली Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने 9 सितंबर, 2026 को अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा गठबंधन के भीतर बढ़ते मतभेदों को सुलझाना है। विवाद की जड़ 2029 के लोकसभा चुनाव हैं, जहाँ TVK के कई विधायक सीएम Vijay को पीएम उम्मीदवार के रूप में देखना चाहते हैं, जबकि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के नाम पर मजबूती से कायम है।
आर्थिक चुनौतियों पर मंडराता खतरा
तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था फिलहाल कठिन दौर से गुजर रही है। जून 2026 में जारी एक 'व्हाइट पेपर' के मुताबिक, राज्य का कर्ज बढ़कर करीब ₹10 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। राजकोषीय घाटे और भारी कर्ज के बोझ को देखते हुए राज्य को सख्त और स्थिर आर्थिक फैसलों की जरूरत है। राजनीतिक अनिश्चितता का सीधा असर बजट मैनेजमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े फैसलों पर पड़ सकता है, जो निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है।
गवर्नेंस पर निवेशकों की नजर
बाजार के जानकारों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या TVK और कांग्रेस अपनी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को राज्य के कामकाज से अलग रख पाएंगे? अगर यह विवाद राज्य स्तर पर शासन में बाधा बनता है, तो जरूरी विधायी सुधार और आर्थिक नीतियों पर ब्रेक लग सकता है। 9 सितंबर की बैठक का नतीजा ही तय करेगा कि गठबंधन कितना एकजुट रह पाता है और राज्य में स्थिरता बरकरार रहेगी या नहीं।
