सूडान के न्याला में एक घातक ड्रोन हमले ने **100** से अधिक लोगों की जान ले ली है, जबकि अल-मार्खियात पावर स्टेशन पर हमले से खार्तूम में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।
सूडान में जारी संघर्ष एक और खूनी मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को न्याला के एक बाजार में हुए ड्रोन हमले ने तबाही मचा दी, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए। स्थानीय मेडिकल सेंटर्स पर घायलों का तांता लगा है, जिससे वहां की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है।
पावर ग्रिड पर सीधा हमला
मानवीय तबाही के अलावा, युद्ध अब बुनियादी ढांचों को पूरी तरह नष्ट कर रहा है। ओम्दुरमान स्थित अल-मार्खियात ट्रांसफॉर्मर स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले के कारण राजधानी खार्तूम के बड़े हिस्से में 12 घंटे से अधिक बिजली गुल रही। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस एक हमले ने शहर की 60% बिजली आपूर्ति को प्रभावित किया है। बिजली न होने के कारण अस्पतालों को जनरेटर पर निर्भर रहना पड़ रहा है और वाटर पंपिंग स्टेशन बंद हो गए हैं।
गंभीर होता मानवीय संकट
अप्रैल 2023 से शुरू हुए इस गृहयुद्ध में अब तक आधिकारिक तौर पर 59,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, हालांकि वास्तविक आंकड़े इससे कहीं ज्यादा होने की आशंका है। करीब 3.4 करोड़ लोग मदद की आस में हैं, लेकिन बाजार और बिजली ग्रिडों पर लगातार हो रहे हमलों के कारण राहत सामग्री पहुंचाना नामुमकिन सा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों पर दबाव बना रहा है, लेकिन बुनियादी ढांचे का यह विनाश स्थिरता की राह में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
