Sri Lanka ने साल **2026** की दूसरी तिमाही में **4.2%** की GDP ग्रोथ दर्ज की है। लगातार **11** तिमाहियों से जारी इस रिकवरी के बीच **$6.9 बिलियन** के विदेशी मुद्रा भंडार ने राहत दी है, लेकिन **8%** की महंगाई दर निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
श्रीलंका की अर्थव्यवस्था ने अपनी मजबूती का प्रदर्शन जारी रखा है। साल 2026 की दूसरी तिमाही में देश की GDP में 4.2% का इजाफा हुआ है, जो लगातार 11 तिमाहियों से चली आ रही विकास यात्रा को दर्शाता है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की 23 सितंबर 2026 को समाप्त हुई हालिया मिशन रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल स्तर पर चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद देश का आर्थिक रिकवरी ट्रैक बरकरार है।
विदेशी भंडार और स्थिरता
अगस्त 2026 के अंत तक, देश का ग्रॉस ऑफिशियल फॉरेन रिजर्व बढ़कर $6.9 बिलियन के स्तर पर पहुंच गया है। यह बफर स्टॉक किसी भी बाहरी फाइनेंशियल अस्थिरता से निपटने के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगा। भारतीय निवेशकों के लिए भी यह एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि क्षेत्रीय ट्रेड डायनेमिक्स और निवेश की दृष्टि से पड़ोस में स्थिरता बेहद जरूरी है।
महंगाई का दबाव और ग्लोबल रिस्क
ग्रोथ के अच्छे आंकड़ों के बीच, अर्थव्यवस्था पर महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। अगस्त 2026 में हेडलाइन इन्फ्लेशन 8% के स्तर पर पहुंच गई है। इसकी मुख्य वजह ग्लोबल ऑयल प्राइसेज में उतार-चढ़ाव और बदलते ट्रेड पैटर्न हैं। IMF ने आगाह किया है कि वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष इंपोर्ट कॉस्ट को और बढ़ा सकते हैं। हालांकि, महंगाई को 5% के टारगेट पर रखने की कवायद की जा रही है ताकि रिकवरी पटरी से न उतरे।
आगे का रास्ता और रिफॉर्म एजेंडा
इस विकास को बनाए रखने के लिए IMF ने सरकार को स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स पर जोर देने को कहा है। इसमें एक मीडियम-टर्म रेवेन्यू स्ट्रेटजी के तहत टैक्स बेस को चौड़ा करना और छूटों को कम करना शामिल है। साथ ही, नॉर्दर्न प्रोविंस में एग्रीकल्चर, फिशरीज और टूरिज्म सेक्टर में निवेश के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं। अब निवेशकों की नजर सरकार के अगले फिस्कल पॉलिसी फैसलों और महंगाई को कंट्रोल करने की क्षमता पर टिकी है।
