श्रीलंका में भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़ी जंग के बीच, विपक्ष के बड़े नेता Namal Rajapaksa को **LKR 7 करोड़** के रिश्वत मामले में **13 अक्टूबर** तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
कोलंबो की एक अदालत ने श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति के बेटे और प्रमुख विपक्षी नेता Namal Rajapaksa की रिमांड 13 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। यह मामला 'Krish Hotels' इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि कंपनी को सरकारी मंजूरी दिलाने के बदले में राजपक्षे ने LKR 7 करोड़ की रिश्वत ली थी। सितंबर की शुरुआत से अब तक उन्हें तीसरी बार रिमांड पर भेजा गया है।
इस पूरे मामले की जांच 'Commission to Investigate Bribery or Corruption' द्वारा की जा रही है। जांच में Krish Hotels की चेयरपर्सन Janaki Siriwardena का नाम भी सामने आया है, जिन्हें भी हिरासत में लिया गया है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
श्रीलंका में पिछली सरकार के दौरान हुए व्यावसायिक समझौतों की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मौजूदा सरकार का कहना है कि यह कदम 2024 के चुनाव जनादेश के तहत भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए उठाया जा रहा है।
हालांकि, इस कानूनी सख्ती का असर विदेशी निवेशकों पर भी पड़ सकता है। जब कोई नई सरकार पिछले कॉन्ट्रैक्ट्स और मंजूरियों का ऑडिट शुरू करती है, तो इन्फ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर के प्रोजेक्ट्स में देरी या नियमों में बदलाव का जोखिम बढ़ जाता है।
इतना ही नहीं, पूर्व प्रथम परिवार पर 2013 के Airbus एयरक्राफ्ट प्रोक्योरमेंट मामले में भी जांच चल रही है, जिसमें USD 2 मिलियन की कथित रिश्वतखोरी का आरोप है। मार्केट एक्सपर्ट्स अब इन अदालती फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं कि ये ऑडिट आगे चलकर कमर्शियल रेगुलेशंस को कितना प्रभावित करते हैं।
