स्पेन के Ceuta इलाके में राजा Felipe VI के दौरे से पहले प्रशासन ने माइग्रेंट कैंपों को हटा दिया है। जुलाई में हुई भारी घुसपैठ के बाद यह इलाका लगातार कूटनीतिक तनाव के केंद्र में है, जिस पर ग्लोबल निवेशकों की भी नजर है।
स्पेन की सुरक्षा बलों ने रविवार, 11 अक्टूबर को Ceuta स्थित 'El Guano' माइग्रेंट कैंप को पूरी तरह खाली करा दिया है। इस ऑपरेशन में पुलिस और सेना के जवानों को तैनात किया गया था। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य 13 अक्टूबर को राजा Felipe VI और रानी Letizia के प्रस्तावित दौरे के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साल 2007 के बाद यह पहला मौका है जब स्पेन का कोई राजा इस क्षेत्र का दौरा करेगा।
कूटनीतिक पेच और ऐतिहासिक तनाव
यह ऑपरेशन काफी संवेदनशील समय पर किया गया है। साल 2007 में हुए पिछले शाही दौरे के कारण स्पेन और Morocco के रिश्तों में गहरी दरार आ गई थी, क्योंकि Morocco इन इलाकों पर अपना दावा करता रहा है। मैड्रिड में बैठे प्रशासन का लक्ष्य इस दौरे के दौरान किसी भी तरह के कूटनीतिक विवाद को टालना है।
बॉर्डर स्टेबिलिटी और जियोपॉलिटिकल रिस्क
जुलाई महीने में इस क्षेत्र ने एक बड़ा संकट देखा था, जब 48 घंटों के भीतर 70,000 से अधिक लोगों ने Morocco से स्पेन की सीमा में प्रवेश किया था। हालांकि अधिकतर लोगों को वापस भेज दिया गया था, लेकिन इस घटना ने यूरोपीय संघ (EU) के बॉर्डर मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
मैक्रो-इकोनॉमिक दृष्टिकोण से, अंतरराष्ट्रीय निवेशक इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखते हैं क्योंकि इनका सीधा असर यूरोपीय संघ की ट्रेड और माइग्रेशन पॉलिसी पर पड़ता है। क्षेत्र में अस्थिरता का मतलब है कि उत्तर अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार और सुरक्षा सहयोग में बाधा आ सकती है। फिलहाल, निवेशकों की नजर इस बात पर है कि EU और Morocco के बीच माइग्रेशन एग्रीमेंट किस दिशा में जाते हैं और सीमा सुरक्षा पर होने वाला खर्च आने वाले समय में राजकोषीय स्थिति को कैसे प्रभावित करेगा।
