South Korea ने अपने राजदूत Park Hee-chang को Ukraine से वापस बुला लिया है। इस फैसले के पीछे नॉर्थ कोरियाई कैदियों से जुड़ी एक संवेदनशील जानकारी का खुलासा होना और रूस को फ्यूल सप्लाई के आरोपों को लेकर बढ़ा विवाद मुख्य कारण है।
साउथ कोरिया ने 8 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक तौर पर अपने राजदूत Park Hee-chang को यूक्रेन से वापस बुला लिया है। यह निर्णय युद्ध के मैदान से पकड़े गए दो नॉर्थ कोरियाई सैनिकों के ट्रांसफर से जुड़ी खुफिया जानकारी के सार्वजनिक होने के बाद लिया गया है।
विवाद की जड़ क्या है?
सियोल का आरोप है कि इन सैनिकों को गुप्त रूप से ट्रांसफर करने का एक एग्रीमेंट था, जिसे यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने 23 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र (UN) में भाषण के दौरान सार्वजनिक कर दिया। साउथ कोरिया का मानना है कि इससे सैनिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा को खतरा हो सकता था। वहीं, कीव ने किसी भी तरह के बाइंडिंग एग्रीमेंट होने से इनकार किया है, जिससे यह तनातनी और बढ़ गई है।
फ्यूल एक्सपोर्ट का नया मोड़
विवाद में एक और पेचीदा मामला तब जुड़ गया जब यूक्रेन ने साउथ कोरियाई कंपनियों पर रूस को पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात करने का आरोप लगाया। साउथ कोरियाई अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं और एक्सपोर्ट कंट्रोल्स को लेकर बेहद सख्त हैं।
मार्केट और जियोपॉलिटिकल रिस्क
निवेशकों और ट्रेड एनालिस्ट्स की नजर इस तनाव पर बनी हुई है। इस घटना से न केवल इंटेलिजेंस शेयरिंग पर असर पड़ा है, बल्कि भविष्य के आर्थिक सहयोग और व्यापारिक रिश्तों के लिए भी अनिश्चितता पैदा हो गई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि इन मतभेदों को जल्द हल नहीं किया गया, तो यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ा जोखिम बन सकता है।
