UNGA में हाफिज सईद पर सवाल से भागे शहबाज शरीफ, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गहराया संकट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
UNGA में हाफिज सईद पर सवाल से भागे शहबाज शरीफ, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गहराया संकट

UNGA में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने Hafiz Saeed से जुड़े सवालों पर चुप्पी साध ली। वहीं, देश के भीतर जारी राजनीतिक तनाव और प्रस्तावित हड़ताल के कारण पाकिस्तान को हर दिन **PKR 120 बिलियन** के नुकसान का अनुमान है।

न्यूयॉर्क में चल रही 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का व्यवहार चर्चा का विषय बना हुआ है। जब उनसे लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 2008 मुंबई हमलों के मुख्य आरोपी हाफिज सईद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उनकी यह चुप्पी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा उम्मीदों और पाकिस्तान के रुख के बीच के बड़े फासले को दर्शाती है। भारत की ओर से मुंबई हमलों और हालिया 2025 पहलगाम हमले के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने की मांग लगातार जारी है।

आर्थिक मोर्चे पर तबाही का खतरा

एक तरफ कूटनीतिक दबाव है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान की घरेलू अर्थव्यवस्था बदहाल है। वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ जैसी पार्टियों द्वारा की जा रही हड़तालें देश के लिए घातक साबित हो सकती हैं। ताजा अनुमानों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों से अर्थव्यवस्था को प्रतिदिन करीब PKR 120 बिलियन का नुकसान हो सकता है। यही नहीं, औद्योगिक क्षेत्र को रोजाना PKR 25 बिलियन की चपत लगने की आशंका है, जिससे देश का राजकोषीय घाटा और बढ़ जाएगा।

निवेशकों की बढ़ती चिंता

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी और देश में जारी राजनीतिक अस्थिरता के कारण विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की स्थिति और घरेलू राजनीतिक दबाव के बीच सरकार के लिए दीर्घकालिक आर्थिक सुधार करना एक कठिन चुनौती बन गया है। अब बाजार के जानकार और निवेशक इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या सरकार प्रदर्शनों को नियंत्रित कर अर्थव्यवस्था को ढहने से बचा पाएगी या यह संकट और गहराएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.