सर्बिया में Aleksandar Vucic ने संसदीय चुनाव में हार स्वीकार कर ली है। छात्र-नेतृत्व वाले विपक्ष को **52%** वोट मिले हैं। यह बदलाव Novi Sad की दुखद घटना के बाद उपजे जन आक्रोश और देश की बदलती विदेश नीति के बीच हुआ है।
पिछले 14 सालों से सर्बिया की सत्ता संभाल रहे Aleksandar Vucic ने आखिरकार चुनावी हार मान ली है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, छात्र समर्थित विपक्षी गठबंधन ने 52% वोट हासिल किए हैं, जबकि Vucic की 'Serbian Progressive Party' केवल 39% पर सिमट गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर हादसा बना टर्निंग पॉइंट
इस राजनीतिक बदलाव की नींव नवंबर 2024 में Novi Sad में हुए एक रेल हादसे के बाद पड़ी। रेलवे स्टेशन की छत गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद सरकार पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगे। छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुआ यह विरोध देखते ही देखते Vucic सरकार के खिलाफ एक बड़े जन आंदोलन में बदल गया।
विदेशी नीति और आर्थिक संकेत
हार के बाद Vucic ने दावा किया कि उनके खिलाफ अमेरिका और यूरोप ने साजिश रची है। उनका कहना है कि रूस पर प्रतिबंध न लगाने और कोसोवो (Kosovo) को मान्यता न देने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया, हालांकि उन्होंने इसके कोई ठोस सबूत नहीं दिए।
अब दुनिया भर के निवेशकों और जानकारों की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या नई सरकार रूस और चीन के साथ अपने पुराने व्यापारिक संबंधों को जारी रखेगी या फिर वह ब्रुसेल्स और वाशिंगटन की ओर अपना झुकाव बढ़ाएगी। निवेशकों के लिए अब ट्रेड और फॉरेन इन्वेस्टमेंट से जुड़े फैसलों पर नजर रखना सबसे जरूरी होगा।
