सऊदी अरब में 70 साल से क्यों है शराब पर बैन? जानिए 1951 की वो घटना जिसने सब बदल दिया

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AuthorNeha Patil|Published at:
सऊदी अरब में 70 साल से क्यों है शराब पर बैन? जानिए 1951 की वो घटना जिसने सब बदल दिया

सऊदी अरब में शराब पर लगा लंबा बैन **1951** की एक घटना से शुरू हुआ, जब एक नशे में धुत राजकुमार ने एक ब्रिटिश राजनयिक की हत्या कर दी थी। इस ऐतिहासिक वारदात ने शाही फरमान को जन्म दिया जिसने दशकों तक किंगडम की सामाजिक और व्यावसायिक नीतियों को आकार दिया। हाल ही में, देश ने कुछ गैर-मुस्लिम समूहों के लिए इन प्रतिबंधों को सावधानी से हटाना शुरू किया है।

Detailed Coverage

1951 की वो घटना जिसने सब बदल दिया

सऊदी अरब में शराब पर 70 सालों से ज़्यादा चली आ रही सख्त पाबंदी की जड़ें 1951 की एक खास कूटनीतिक घटना में छिपी हैं। किंग अब्दुलअज़ीज़ बिन अब्दुल रहमान अल सऊद के शासनकाल के दौरान, प्रिंस मिशारी बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद से जुड़े एक मामले में ब्रिटिश उप-वाणिज्यदूत सिरिल ऊसमैन की मौत हो गई थी, जो उस समय जेद्दा में तैनात थे।

बैन की शुरुआत

16 नवंबर, 1951 को, प्रिंस मिशारी ब्रिटिश उप-वाणिज्यदूत के निवास पर एक पार्टी में शामिल हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले दिन उनके आक्रामक व्यवहार और एक टकराव के बाद, राजकुमार ने सिरिल ऊसमैन को गोली मार दी। इस घटना ने तुरंत अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचा और सऊदी शाही परिवार को कूटनीतिक रूप से मुश्किल स्थिति में डाल दिया। आखिरकार, किंग अब्दुलअज़ीज़ ने एक शाही फरमान जारी कर राज्य में शराब के आयात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया। राजा का मानना ​​था कि विदेशी शराब का सेवन किंगडम के मूल्यों के खिलाफ है।

कानूनी और सामाजिक विरासत

सात दशकों से अधिक समय तक, यह फरमान सऊदी अरब के शराब को लेकर रवैये का आधार बना रहा। इसे सख्ती से लागू किया जाता था, जिसमें स्थानीय नागरिकों के लिए गंभीर दंड और शराब रखने वाले प्रवासियों के निर्वासन का प्रावधान था। समय के साथ, इन प्रतिबंधों ने एक 'ब्लैक मार्केट' को जन्म दिया और यात्रा पैटर्न को भी प्रभावित किया, जिसके चलते कई निवासी कानूनी रूप से शराब प्राप्त करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात जैसे पड़ोसी देशों की यात्रा करते थे। विदेशी अधिकारियों के विशेष विशेषाधिकारों के कारण कूटनीतिक माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जाता था।

आधुनिक नीति में बदलाव

हाल के वर्षों में, सऊदी अरब अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति के तहत व्यापक आर्थिक आधुनिकीकरण के लक्ष्यों का पीछा कर रहा है, जिसके चलते इन प्रतिबंधों से जुड़ी नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं। 2024 में, किंगडम ने शराब के लिए एक रिटेल आउटलेट खोलने की अनुमति दी, हालांकि यह सुविधा केवल पंजीकृत गैर-मुस्लिम राजनयिकों के लिए ही उपलब्ध है।

आने वाले समय में, किंगडम 2034 फीफा विश्व कप सहित बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की तैयारी कर रहा है। ये आयोजन निवेशकों और वैश्विक पर्यवेक्षकों के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनसे नीति में और अधिक, यद्यपि नियंत्रित, बदलाव हो सकते हैं। भविष्य में होने वाले किसी भी बदलाव पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, पर्यटन के बुनियादी ढांचे और किंगडम के भीतर काम करने वाले व्यवसायों के लिए नियामक माहौल को प्रभावित कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.