हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बाद Saudi Arabia ने Pakistan और Türkiye के साथ मिलकर 'Mecca Defence Pact' का ऐलान किया है। इस तनाव का असर इतना गहरा है कि 'Davos in the Desert' के नाम से मशहूर फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव को भी टाल दिया गया है।
हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी इंफ्रास्ट्रक्चर और रियाद एयरपोर्ट पर बढ़ते हमलों ने पूरे क्षेत्र के समीकरण बदल दिए हैं। अपनी सुरक्षा रणनीति को बदलते हुए सऊदी अरब ने अब अमेरिकी निर्भरता से हटकर एक नया सुरक्षा गठबंधन, 'Mecca Defence Pact' तैयार किया है। इसका मकसद अपने महत्वपूर्ण एसेट्स और तेल पाइपलाइनों की सुरक्षा करना है।
गठबंधन की रणनीति और मुख्य भूमिकाएं
इस गठबंधन में Pakistan और Türkiye की भूमिका अहम होगी। Pakistan अपनी काउंटर-इंसर्जेंसी विशेषज्ञता का उपयोग करेगा, वहीं Türkiye अपने युद्धपोतों के जरिए Yanbu पोर्ट और महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन की सुरक्षा संभालेगा। यूरोप के भी रक्षा मिशनों में शामिल होने की संभावना है ताकि Red Sea से होने वाले कमर्शियल ट्रांजिट को सुरक्षित रखा जा सके।
ग्लोबल मार्केट पर क्या होगा असर?
निवेशकों के लिए रेड सी शिपिंग कॉरिडोर सबसे बड़ी चिंता है। दुनिया का करीब 15% ट्रेड 'Bab el-Mandeb Strait' से होकर गुजरता है। इस इलाके में जारी तनाव का सीधा असर:
- इंश्योरेंस प्रीमियम: शिपिंग इंश्योरेंस कॉस्ट में भारी उछाल आ सकता है।
- सप्लाई चेन: सामान की आवाजाही में देरी से वैश्विक महंगाई बढ़ने का जोखिम है।
- एनर्जी प्राइस: कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना बढ़ गई है।
हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सऊदी अरब का प्रमुख इन्वेस्टमेंट इवेंट 'Future Investment Initiative' फिलहाल पोस्टपोन कर दिया गया है। मार्केट की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि यह गठबंधन हूतियों के हमलों को रोकने में कितना कारगर साबित होता है।
